Maharshi Mehi Ashram : बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र में विधान पार्षद डॉ. अजय कुमार सिंह द्वारा 20वीं सदी के महान संत महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के पैतृक गृह स्थित विशाल महर्षि मेंही आश्रम, सिकलीगढ़ धरहरा एवं उनकी जन्मस्थली खोखसी श्याम आश्रम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर घोषित करने की मांग का विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने स्वागत किया है.
इस पहल पर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं शशि सरोजिनी रंगमंच सेवा संस्थान के मुख्य संरक्षक अशोक कुमार वर्मा ने डॉ. अजय कुमार सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहा कि महर्षि मेंही परमहंस जी का आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मानवीय योगदान देश-दुनिया में विख्यात है. ऐसे में उनके पैतृक आश्रम और जन्मस्थली का संरक्षण एवं विकास समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है.
धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि यदि सिकलीगढ़ धरहरा स्थित महर्षि मेंही आश्रम और खोखसी श्याम आश्रम को पर्यटन एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है, तो इससे न केवल महर्षि मेंही की विरासत संरक्षित होगी, बल्कि कोसी क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर भी नई पहचान बना सकेगा. इससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
लंबे समय से उठ रही थी मांग
उन्होंने कहा कि इन दोनों स्थलों के विकास की मांग क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से रही है. महर्षि मेंही परमहंस जी के अनुयायी वर्षों से इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की अपेक्षा करते रहे हैं. विधान परिषद में यह मुद्दा उठाकर डॉ. अजय कुमार सिंह ने क्षेत्र की जनभावनाओं को प्रभावी ढंग से सदन तक पहुंचाने का कार्य किया है.
सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
अशोक कुमार वर्मा ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर दोनों स्थलों को पर्यटन एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करेगी. उन्होंने कहा कि इससे कोसी क्षेत्र के सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.
उन्होंने कहा कि डॉ. अजय कुमार सिंह लगातार कोसी क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से विधान परिषद में उठाते रहे हैं. क्षेत्र के विकास और जनभावनाओं के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका सराहनीय है.
