नहरों में पानी छोड़ने का षड्यंत्र कर लूट की फिराक में है माफिया

सिंचाई विभाग मौसमी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी यूनियन जिला परिक्षेत्र शाखा की हुई बैठक

सिंचाई विभाग मौसमी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी यूनियन जिला परिक्षेत्र शाखा की हुई बैठक सहरसा .बिहार राज्य सिंचाई विभाग मौसमी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी यूनियन जिला परिक्षेत्र शाखा की आवश्यक बैठक मुख्य अभियंता सिंचाई सृजन कोसी कालोनी प्रांगण में संपन्न हुई. बैठक में नेताओं ने कहा कि नहरों को बिना अतिक्रमण मुक्त कराये 10 प्रमंडलों के अधीन सर्वे कराकर नहरों का पुनर्स्थापन के नाम पर करोड़ों का टेंडर निकाल कर षड्यंत्र के तहत ठेकेदार माफियाओं से मिलकर करोड़ों रुपए की लूट उद्योग चला रखा है. अभी जून में नहरों के पुनर्स्थापन कार्य का बिना जांच कराये नहरों में पानी छोड़ने का षड्यंत्र कर लूट करने के फिराक में लगा है. जिससे किसानों को नहरों से सिंचाई के लिए खेत को पानी नहीं मिल सकेगा. खरीफ एवं रबी में वर्षों से नहरों पर काम करने वाले मौसमी नहर मजदूरों, आईबी कर्मचारी, अमीन एवं सफाई मजदूरों, जो दलित वर्गों से आते हैं इन कर्मचारियों को काम पर नहीं रखने की धमकी दिया जा रहा है. जो अपनी सेवा नियमतीकरण के लिए वर्षों से संगठित होकर संघर्ष करते आ रहे हैं. इन मौसमी एवं दैनिक वेतनभोगी को काम लेने के बावजूद अधिकांश को बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है. अभियंताओं द्वारा मौसमी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से काम के बदले मिलने वाली 2700 शीर्ष एवं मजदूरी का आवंटन फर्जी नहर मरम्मति के नाम पर घोटाला किया जाता है. बैठक में मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन सहरसा, जिला प्रशासन एवं सरकार से घोटाला, लूट का जांच करने तथा किसानों को समुचित मात्रा में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए युनियन मुख्य अभियंता से वार्ता की मांग की. अन्यथा आंदोलन की सारी जबावदेही मुख्य अभियंता की होने का पत्र दिया गया. मुख्य अभियंता सिंचाई सृजन सहरसा से शिष्टमंडल वार्ता में माधव प्रसाद सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अरविंद कुमार पांडेय, चितरंजन पांडेय, बीजेंद्र यादव सहित अन्य शामिल थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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