Saharsa News: सलखुआ (सहरसा). कोसी तटबंध के भीतर स्थित उटेशरा पंचायत के पीपरा गांव में कोसी नदी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है. नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण कटाव की रफ्तार बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है. बीते दो-तीन दिनों में कई परिवारों के घर नदी में समा गए हैं और बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं.
दर्जनों परिवारों का आशियाना नदी में समाया
ग्रामीणों के अनुसार चंदेश्वरी यादव, बिनो यादव, सुधीर यादव, पंकज यादव, अखिलेश यादव, दिलीप यादव, वीरेंद्र यादव और रंजीत रजक सहित कई परिवारों के घर कोसी नदी के कटाव में पूरी तरह विलीन हो चुके हैं. कई अन्य झोपड़ीनुमा मकान भी कटाव की जद में हैं. प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे अथवा अस्थायी आश्रय बनाकर रहने को विवश हैं.
खेती की जमीन भी तेजी से हो रही कटाव की शिकार
कटाव केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि भी नदी में समाती जा रही है. इससे प्रभावित किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. लोग अपनी वर्षों की मेहनत से तैयार की गई खेती की जमीन को नदी में बहते हुए देखने को मजबूर हैं.
2014 जैसी त्रासदी की सता रही चिंता
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2014 में भी मियाजागिर, कमराडीह और पीपरा गांव भीषण कटाव की चपेट में आ गए थे. बाद में नदी की धारा बदलने के बाद लोगों ने दोबारा अपने घर बसाए थे. अब एक बार फिर उसी तरह की स्थिति बनने से ग्रामीण भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं.
कटाव निरोधी कार्य और मुआवजे की मांग
ग्राम पंचायत के मुखिया अनिल कुमार यादव उर्फ महंथ ने जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग से तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने और विस्थापित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो और कई परिवार बेघर हो जाएंगे.
सीओ ने निरीक्षण का दिया आश्वासन
Saharsa News: अंचलाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का शीघ्र निरीक्षण किया जाएगा. निरीक्षण रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी तथा पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए अनुशंसा की जाएगी. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत एवं स्थायी कटावरोधी उपाय शुरू करने की मांग की है.
