सहरसा में जीविका दीदियां बना रहीं तिरंगा, महिला सशक्तीकरण के साथ देशभक्ति का भी दे रहीं संदेश

Jeevika Women Tiranga Making : स्वतंत्रता दिवस को खास बनाने के लिए सलखुआ प्रखंड की जीविका दीदियां पूरे जोश से तिरंगे बना रही हैं. यह पहल न सिर्फ राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, बल्कि महिला स्वावलंबन और आर्थिक मजबूती का भी एक मिसाल है.

Jeevika Women Tiranga Making : स्वतंत्रता दिवस और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 से 17 अगस्त 2026 तक चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को सफल बनाने के लिए सलखुआ प्रखंड में व्यापक तैयारी की जा रही है. जिला पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार और बीपीएम पवन कुमार के नेतृत्व में जीविका भवन सलखुआ में जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं पूरे उत्साह के साथ राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा बनाने में जुटी हैं.

जीविका दीदियां अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति की भावना के साथ तिरंगे का निर्माण कर रही हैं. उनका यह प्रयास जहां अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रहा है, वहीं महिला स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तीकरण का उदाहरण भी पेश कर रहा है.

स्थानीय स्तर पर बढ़ रही तिरंगे की उपलब्धता

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वज की जरूरत को देखते हुए जीविका दीदियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है. समूह से जुड़ी महिलाएं सामूहिक रूप से कटाई, सिलाई और तिरंगा निर्माण से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को पूरा कर रही हैं.

इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को तिरंगा उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है. निर्माण के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि तैयार किये गये प्रत्येक तिरंगे का सम्मान और गुणवत्ता बरकरार रहे.

तिरंगा बनाना रोजगार से ज्यादा गर्व का विषय

जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के लिए तिरंगा तैयार करना उनके लिए केवल रोजगार का जरिया नहीं है. यह उनके लिए गर्व, सम्मान और देशभक्ति से जुड़ा अवसर है.

महिलाओं का कहना है कि उनके हाथों से तैयार किया गया प्रत्येक तिरंगा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घर-घर राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुंचाएगा. इससे उन्हें अपने काम के साथ राष्ट्र के लिए योगदान देने का भी एहसास हो रहा है.

महिला सशक्तीकरण और राष्ट्रभक्ति का संगम

जीविका के माध्यम से तिरंगा निर्माण की यह पहल महिला सशक्तीकरण और राष्ट्रभक्ति को एक साथ आगे बढ़ा रही है. इससे महिलाओं को अपने हुनर का इस्तेमाल करने, सामूहिक रूप से काम करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है.

साथ ही, तिरंगा निर्माण से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी मिल रही है. महिलाओं की सक्रिय भूमिका से ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह बढ़ रहा है.

घर-घर तिरंगा पहुंचाने में अहम होगी भूमिका

प्रखंड स्तर पर तिरंगा निर्माण होने से अभियान के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सुविधा होगी. जीविका दीदियों की मेहनत से तैयार किये जा रहे तिरंगे स्वतंत्रता दिवस पर लोगों के घरों तक पहुंचेंगे और हर घर में राष्ट्रभक्ति का संदेश पहुंचाने का माध्यम बनेंगे.

सलखुआ में चल रही यह पहल बताती है कि सरकारी अभियान जब स्थानीय समुदाय और महिलाओं की भागीदारी से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव और व्यापक हो जाता है. तिरंगा निर्माण के साथ जीविका दीदियां आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा की दोहरी मिसाल पेश कर रही हैं.


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By Bashistha Kumar

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