सहरसा. राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत सोमवार को जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में किसान-मजदूर, छात्र, नौजवान और महिलाएं जिला परिषद परिसर पहुंचे. सुबह 10 बजे से ही ट्रैक्टर, टेंपो, बस, रेल और पैदल लोग आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचने लगे. दोपहर में जिला परिषद परिसर से विशाल जुलूस निकाला गया, जो थाना चौक, वीर कुंवर सिंह चौक और आंबेडकर चौक होते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार तक पहुंचा.
सरकार विरोधी नारों से गूंजा शहर
प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाल झंडे, बैनर और विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां थीं. जुलूस के दौरान "कॉरपोरेट भारत छोड़ो", "भाजपा भगाओ, देश बचाओ", "चार लेबर कोड रद्द करो", "भूमिहीनों को वास की जमीन दो", "पेपर लीक बंद करो" और "शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बिजली का निजीकरण बंद करो" जैसे नारे लगाए गये.
मुख्य द्वार पर पुलिस से हुई नोकझोंक
समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहले से तैनात पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई. प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुख्य द्वार के समीप बैठ गए. गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रदर्शन स्थल पर ही सभा शुरू हो गयी.
किसानों और मजदूरों की समस्याएं उठाईं
सभा की अध्यक्षता कामरेड व्यास प्रसाद यादव ने की. किसान सभा के बिहार राज्य महासचिव बिनोद कुमार ने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट घरानों को सरकार की ओर से संरक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने किसानों की जमीन की सुरक्षा, फसलों का उचित मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग उठायी.किसान सभा के प्रांतीय संयुक्त सचिव रणधीर यादव ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए भूमिहीन परिवारों को वास की जमीन देने, सीलिंग और भूदान के पर्चाधारियों को दखल-दिहानी दिलाने तथा संविदाकर्मियों को उचित मानदेय देने की मांग की.
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को किया गिरफ्तार
अनुमंडलाधिकारी के आदेश के बाद पुलिस ने समाहरणालय मुख्य द्वार के आसपास से प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर स्टेडियम परिसर स्थित अस्थायी केंद्र पहुंचाया. बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी सूची जमा कराने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाते रहे. बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी सूची तैयार करने में पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी.बाद में सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को स्टेडियम स्थित अस्थायी केंद्र से रिहा कर दिया गया.
23 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा
आंदोलन के बाद प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने 23 सूत्री मांगों का स्मारपत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को भेजने के लिए सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई.
कई संगठनों के नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
सभा एवं प्रदर्शन को किसान नेता कृष्ण दयाल यादव, डॉ. रामरेख यादव, संजय सिंह, रमेश यादव, शकील अहमद खां, केशव कुमार, इंद्रदेव प्रसाद इंदू, यशोधर मंडल, बुधन मुखिया, जवाहर यादव, दिलीप ठाकुर, परमेश्वरी शर्मा, भोला यादव, उपेंद्र महतो, बिजेंद्र मंडल, रामचंद्र महतो, गुरूदेव शर्मा, डोमी पासवान, पवन सादा, कारी मुखिया, सीटू नेता नसीमुद्दीन, दुखी शर्मा, मनोज शर्मा, नसीम मिस्त्री, मो. मकसुद, साहेब मुखिया, रमेश शर्मा, बिरेंद्र शर्मा सहित कई नेताओं ने संबोधित किया.इसके अलावा रसोइया यूनियन, एडवा, नौजवान सभा, एसएफआई, आशा संघ, आंगनबाड़ी संघ और ई-रिक्शा चालक यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन में भाग लिया.
