पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों एवं संदिग्ध भंडारण स्थलों पर औचक छापेमारी व निरीक्षण का निर्देश
सहरसा. एलपीजी वितरण की वर्तमान क्रियान्वयन स्थिति, अनियमितता, निर्देशों के उल्लंघन की स्थिति में की जा रही कार्रवाई को लेकर बुधवार को जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी आलोक कुमार ने विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर उपजी मौजूदा भू राजनीतिक अस्थिरता के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना को देखते जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय एवं गृह विभाग, बिहार सरकार से प्राप्त निर्देशों के आलोक में जिले में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने व किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने आपूर्ति विभाग, पुलिस एवं विधिक माप विज्ञान विभाग की संयुक्त टीमों को पेट्रोल पंपों, एलपीजी गैस एजेंसियों एवं संदिग्ध भंडारण स्थलों पर औचक छापेमारी व निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. डीजल, पेट्रोल एवं रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी, कालाबाजारी, मिलावट या अवैध डायवर्जन पाये जाने पर संबंधित वितरकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, जिले में एलपीजी की मांग एवं आपूर्ति का निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है. जिले के विभिन्न वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है एवं डिलीवरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा नहीं हो. इस अभियान में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को भी प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय एवं सहयोग करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि जिले में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं दें एवं पैनिक बुकिंग से बचें. किसी भी स्थान पर अवैध भंडारण या अधिक मूल्य वसूलने की शिकायत प्राप्त होती है तो तुरंत जिला आपूर्ति कार्यालय को सूचित करें. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य संकट की इस घड़ी में हर नागरिक तक ऊर्जा की सुलभ एवं पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
