सत्तरकटैया (सहरसा). प्रखंड के सत्तर पंचायत स्थित महंथ सरयुग दास प्लस-टू उच्च विद्यालय, मेनहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर खादीपुर चबूतरा पर शुक्रवार से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. धरना की अध्यक्षता बिजलपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजीव कुमार ने की. संचालन सामाजिक कार्यकर्ता डॉ मदन यादव ने किया. धरना को संबोधित करते हुए पूर्व प्रमुख कृष्ण कुमार उर्फ माखन यादव ने कहा कि जब पंचगछिया में सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है, तो मेनहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना करने में सरकार को क्या परेशानी है.
उठाया सवाल, जिला प्रशासन आखिर किसके इशारे पर कर रहा काम
उन्होंने सवाल उठाया कि जिला प्रशासन आखिर किसके इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि महंथ सरयुग दास प्लस-टू उच्च विद्यालय, मेनहा के पास 23 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है. वहीं पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस-टू विद्यालय के समीप 55 एकड़ सरकारी भूमि है, जिसमें मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए 21.27 एकड़ जमीन पहले से चिन्हित है. उन्होंने बताया कि विद्यालय सहरसा-हरदी (सुपौल) मुख्य मार्ग पर स्थित है तथा पंचगछिया रेलवे स्टेशन से भी काफी नजदीक है. यहां खेल मैदान, वर्ग कक्ष, इंडोर स्टेडियम सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है. विद्यालय परिसर में बना तीन मंजिला मॉडल स्कूल भवन भी वर्तमान में अनुपयोगी पड़ा है. उन्होंने मेनहा में ही डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग दोहरायी.
एक ही स्थान पर डिग्री कॉलेज व मॉडल हाई स्कूल प्रशासनिक लापरवाही : राहुल
व्यापार मंडल संघ के अध्यक्ष राहुल यादव ने कहा कि एक ही स्थान पर डिग्री कॉलेज और मॉडल हाई स्कूल खोलने की योजना प्रशासनिक लापरवाही है. इससे प्रखंड के पूर्वी हिस्से के गरीब छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से प्रखंड दो भागों में बंटा हुआ है और पूर्वी क्षेत्र में पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, महादलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है, जिन्हें उच्च शिक्षा के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक जारी रहेगा आंदोलन
धरनार्थियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक मेनहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की घोषणा नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. धरना में पैक्स अध्यक्ष अरविंद यादव, मुखिया प्रतिनिधि सरोज यादव, संजय साह, पप्पू यादव, बिपिन यादव, रोहित चौधरी, रमेश यादव, बिरजून यादव, शिवजी यादव, विष्णुदेव यादव, ललन सादा सहित अन्य मौजूद थे.
