हकपाड़ा श्मशान घाट की 28 कट्ठा सरकारी जमीन अतिक्रमणमुक्त, चला बुलडोजर

सहरसा के हकपाड़ा श्मशान घाट की 28 कट्ठा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटा दिया गया है। प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त किया।

सहरसा. नगर निगम क्षेत्र के हकपाड़ा वार्ड संख्या पांच स्थित लगभग 100 वर्ष पुराने हिंदू श्मशान घाट की करीब 28 कट्ठा सरकारी भूमि को शनिवार को अतिक्रमणमुक्त करा दिया गया. सदर अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया. मिली जानकारी इस सरकारी श्मशान भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए मो. सलाउद्दीन एवं धनेश्वर राम ने वरीय अधिकारियों से लेकर जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी. मामले की सुनवाई के दौरान जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने नगर निगम एवं अंचल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर टिप्पणी करते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की थी.

मामले की हुई थी सुनवाई

नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना में भी नगर आयुक्त एवं अंचलाधिकारी, सत्तरकटैया के विरुद्ध इस मामले की सुनवाई हुई थी. परिवादियों ने शिकायत में आरोप लगाया था कि श्मशान घाट की सरकारी भूमि पर कुछ दबंगों, प्रॉपर्टी डीलरों एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा है. इस संबंध में कई बार विभिन्न अधिकारियों को आवेदन दिया गया था.

मामले की सुनवाई के दौरान कोशी प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार ने 10 जनवरी 2026 को नगर आयुक्त को एक माह के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था. इसके बाद नगर आयुक्त ने 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई. बाद में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने नगर आयुक्त को नोटिस जारी किया तथा अंचलाधिकारी, सत्तरकटैया को भी लोक प्राधिकार के रूप में पक्षकार बनाया.

लगातार चली थी सुनवाई

कई तिथियों पर सुनवाई के बावजूद शिकायत का समाधान नहीं हुआ. अंतिम सुनवाई में संबंधित लोक प्राधिकार के अनुपस्थित रहने पर पदाधिकारी ने इसे प्रशासनिक लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता करार देते हुए अपने निर्णय की प्रति जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश दिया. विभागीय स्तर पर चल रही कार्रवाई एवं निर्देशों के आलोक में सदर एसडीओ श्रेयांश तिवारी के निर्देश पर अंचलाधिकारी, सत्तरकटैया ने 11 जुलाई को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तय की.

दंडाधिकारी व पुलिस बल रहे मौजूद

पर्याप्त संख्या में सशस्त्र पुलिस बल, महिला पुलिस बल, पुलिस पदाधिकारी एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी. शनिवार को प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर श्मशान घाट की पूरी 28 कट्ठा सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा दिया. मौके पर प्रखंड राजस्व पदाधिकारी सह दंडाधिकारी अमन राज, अंचलाधिकारी शिखा सिंह, नगर निगम के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे.


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