सोनवर्षा राज प्रखंड की सोनवर्षा–सहसौल मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गई है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित यह सड़क पूर्वी क्षेत्र के हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई स्थानों पर सड़क गड्ढों और जलजमाव में तब्दील हो गई है.
बरसात में सड़क बनी तालाब
देहद मोड़ से बेहट, मोहनपुर, अतलखा, सहसौल होते हुए ननौती तक जाने वाली इस सड़क पर बारिश के बाद बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है. इससे सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और आवागमन भी प्रभावित हो रहा है.
निर्माण गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी त्रिमूर्ति इन्सिकॉन्स एंड ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड के संवेदक रंजन सिंह द्वारा सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई. उनका कहना है कि इसी कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क समय से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गयी.
रखरखाव नहीं होने का आरोप
जानकारी के अनुसार सड़क योजना को वर्ष 2022-23 में स्वीकृति मिली थी और निर्माण कार्य वर्ष 2024 में पूरा हुआ. सूचना पट्ट पर कार्य पूर्ण होने की तिथि एक दिसंबर 2023 अंकित है. ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के अनुसार निर्माण एजेंसी को पांच वर्षों तक सड़क के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी निभानी चाहिए, लेकिन अब तक प्रभावी मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है.
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने, अविलंब मरम्मत कार्य शुरू करने तथा दोषी संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष से केवल आश्वासन मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
क्या बोले अधिकारी
कार्यपालक अभियंता महेश कुमार ने बताया कि सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से लंबे समय से यही आश्वासन दिया जा रहा है, जबकि सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.
