सहरसा से दीपांकर की रिपोर्ट: जिला प्रशासन ने बुधवार को निबंधन कार्यालय में औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की हकीकत परखी. जिलाधिकारी दीपेश कुमार वरीय पदाधिकारियों की टीम के साथ अचानक कार्यालय पहुंचे और घंटों तक पंजी (रजिस्टर) व अभिलेखों की गहन जांच की. निरीक्षण की भनक लगते ही कार्यालय कर्मियों में हड़कंप मच गया और पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
कई मामलों में मांगा स्पष्टीकरण:
जिलाधिकारी ने एक-एक कर विभिन्न अभिलेखों का अवलोकन किया और राजस्व से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति की पड़ताल की. इस दौरान कई कर्मियों को मौके पर ही तलब कर उनसे जवाब-तलब किया गया. सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिससे कर्मचारियों में चिंता देखी गयी.
निरीक्षण समाप्त होने के बाद बाहर निकले डीएम दीपेश कुमार ने मीडिया के सवालों पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया और सीधे वहां से रवाना हो गये. हालांकि, अपर समाहर्ता निशांत कुमार देर तक कार्यालय में डटे रहे और निबंधन पदाधिकारी सीमा कुमारी से अलग से पूछताछ करते रहे.
जांच के आधार पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई:
मौके पर सदर एसडीओ श्रीयांश तिवारी, एसडीपीओ आलोक कुमार सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे. औचक निरीक्षण के बाद निबंधन कार्यालय की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. माना जा रहा है कि जांच के आधार पर आगे कार्रवाई भी हो सकती है.
