सहरसा : विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में पंचायतीराज विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक हुई. इसमें पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गयी. डीएम ने अधिकारियों को सभी लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया.
बैठक में पंचायत सरकार भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एलएईओ द्वारा पूर्व में निर्मित वैसे पंचायत सरकार भवन, जो वर्तमान में जर्जर या क्षतिग्रस्त हैं, उनका संबंधित कार्यपालक अभियंता स्थल निरीक्षण कर चिह्नित करें. इसके बाद आवश्यकता के अनुसार भवनों की शीघ्र मरम्मत करायी जाये. वहीं निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों को एलएईओ एवं बीसीडी के संबंधित कार्यपालक अभियंता के स्तर से जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया.
वित्तीय योजनाओं में खर्च की गति बढ़ाने का निर्देश
डीएम ने 14वीं वित्त आयोग की अवशेष राशि को संबंधित शीर्ष मद में जमा कर जीरो बैलेंस प्रमाणपत्र 18 अगस्त तक जिला पंचायतीराज कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा. साथ ही 15वीं वित्त आयोग एवं षष्ठम राज्य वित्त आयोग से संचालित योजनाओं में खर्च की गति बढ़ाने और वर्तमान व्यय में न्यूनतम 10 प्रतिशत वृद्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
खराब सोलर लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने को कहा
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने खराब सोलर लाइटों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें चालू कराने को कहा. वहीं शेष सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश संबंधित एजेंसी को दिया गया.
बैठक में जिन पंचायतों में कन्या विवाह मंडप एवं मोक्षधाम के लिए अब तक भूमि का चिह्नांकन नहीं हुआ है, वहां उपयुक्त भूमि का जल्द चयन कर योजनाओं को आगे बढ़ाने को कहा गया. जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा और अनुश्रवण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया.
बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला पंचायतीराज पदाधिकारी सुनैना कुमारी सहित सभी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, पंचायत सचिव, लेखापाल-सह-आईटी सहायक और तकनीकी सहायक मौजूद थे.
