शिव की शिष्यता से मानवीय गुणों का होता है विकास

शिव की शिष्यता से मानवीय गुणों का होता है विकास

खरका तेलवा पंचायत में शिव गुरु महोत्सव आयोजित नवहट्टा . प्रखंड क्षेत्र के खरका तेलवा पंचायत स्थित मैदान में सोमवार को मासिक एक दिवसीय शिव गुरु महोत्सव का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने कहा कि भगवान शिव की शिष्यता से मानवीय गुणों का विकास होता है और दानवीय प्रवृत्तियों का क्षय होता है. महोत्सव को संबोधित करते हुए शिव के शिष्य भाई परमेश्वर ने कहा कि बंधन और मोक्ष का कारण मन ही है. मन को शिव गुरु के चरणों में लगाए रखना ही मुक्तिदायी है. उन्होंने कहा कि ज्ञान के बिना मुक्ति संभव नहीं है और शिव गुरु की शरण में रहने से ज्ञान खुद प्रकट होता है, जिससे प्राणी भव बंधनों से मुक्त होता है. उन्होंने कहा कि साहब हरिन्द्रानंद ने शिव को गुरु मानकर जनमानस को शिव गुरु सत्ता से अवगत कराया, जिससे आध्यात्मिक यात्रा सरल हुई. उन्होंने बताया कि भगवान शिव जगत गुरु और आदि गुरु हैं, लेकिन इस सत्य से आम लोगों को अवगत नहीं कराया गया. उन्होंने कहा कि ऋषि-मुनियों और साधकों ने शिव को शिष्य भाव अर्पित कर देवत्व की प्राप्ति की, जिसका उदाहरण संत शिरोमणि बाबा कारु और संत शिरोमणि लक्ष्मीनाथ गोसाई हैं. इसी परंपरा में महामानव साहब हरिन्द्रानंद ने जनमानस से शिव शिष्यता अपनाने का आह्वान किया. शिव शिष्य हरिन्द्रानंद फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को गुरु भाई डोमी राम, महेंद्र कामत, शैलेंद्र कुमार, जटेश्वर राय, गिरिवर चांद, रामविलास साह, बेचन रजक, शशि यादव, गुलशन राय, अभेली राम सहित गुरु बहन किरण, आरती, वीणा, महरानी, रतन, राधा, सोनी, जीवछी, रामविलास, दिनेश, बाला, संतोष व अन्य ने संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भगवान शिव की शिष्यता आध्यात्मिक यात्रा में फलदायी सिद्ध हो रही है.

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By Dipankar Shriwastaw

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