सलखुआ (सहरसा) : पूर्वी-पश्चिमी कोसी तटबंध के अंदर डेंगराही मुख्य सड़क से हसुलिया और औराही महादलित टोला को जोड़ने वाली सड़क पर पुल-पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है. बारिश और बाढ़ के दौरान सड़क के कई हिस्सों में पानी भर जाने से हर साल इन इलाकों का संपर्क प्रभावित हो जाता है. इसी समस्या को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने सड़क पर जुटकर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द पुल निर्माण की मांग की.
सड़क बनी, लेकिन पुलिया नहीं होने से हर साल डूबता है रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार डेंगराही मुख्य सड़क से हसुलिया और औराही महादलित टोला तक जाने वाली सड़क का निर्माण वर्षों पहले कराया गया था. सड़क दोनों ओर बनी है, लेकिन बीच में जरूरी स्थानों पर पुलिया नहीं होने के कारण बरसात और बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से बहने लगता है. जलस्तर बढ़ते ही आसपास के टोले और गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है.
बच्चों की पढ़ाई से मरीजों के इलाज तक संकट
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को होती है. बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है, जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है. जरूरी सामान के लिए बाजार आने-जाने में भी लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है या लंबा रास्ता तय करना पड़ता है.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के समय ही जरूरत वाले स्थानों पर पुलिया का निर्माण करा दिया जाता तो हर साल होने वाली इस परेशानी से राहत मिल सकती थी.
‘स्टीमेट में पुल का प्रावधान नहीं था’
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार से पुल नहीं बनने का कारण पूछा गया तो उसने स्टीमेट में पुल का प्रावधान नहीं होने की बात कही. ग्रामीणों का कहना है कि पुल के बिना बरसात के दौरान सड़क का उद्देश्य ही अधूरा रह जाता है.
विधायक की अनुशंसा से प्रस्ताव भेजने का आश्वासन
प्रदर्शन में शामिल रमेश पासवान, जीतन सादा, दिलकुश कुमार, नागो पासवान, छोटी सदा और मुरारी यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि समस्या को लेकर विभागीय कार्यपालक अभियंता से बातचीत की गयी है.
ग्रामीणों के अनुसार कार्यपालक अभियंता ने उक्त स्थान पर पुल निर्माण का आश्वासन दिया है. इसके लिए स्थानीय विधायक की अनुशंसा के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही गयी है.
‘बाढ़ के बाद नहीं, पहले शुरू हो निर्माण’
ग्रामीणों ने मांग की कि बाढ़ का पानी बढ़ने और आवागमन पूरी तरह ठप होने से पहले पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाये. उनका कहना है कि हर साल बाढ़ आने के बाद समस्या का समाधान खोजने के बजाय स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए.
पुल बनने से हसुलिया, औराही महादलित टोला समेत आसपास के कई गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पुल निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं हुई तो वे विभागीय कार्यालय के समक्ष दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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