संतमत मानव जीवन को ईश्वर भक्ति व आंतरिक शांति की ओर ले जाने वाला मार्ग : स्वामी महेशानंद

परम शिष्य ब्रह्मलीन संत शाही स्वामी महाराज की जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच समारोहपूर्वक मनायी गयी.

ब्रह्मलीन संत शाही स्वामी महाराज की धूमधाम से मनायी गयी जयंती

सहरसा. गांधीपथ स्थित संतमत सत्संग मंदिर में बीसवीं सदी के महान संत सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस महाराज के हृदय स्वरूप परम शिष्य ब्रह्मलीन संत शाही स्वामी महाराज की जयंती श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच समारोहपूर्वक मनायी गयी. इस मौके पर आयोजित सत्संग कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी महेशानंद महाराज ने संत शाही स्वामी महाराज के जीवन, व्यक्तित्व एवं आध्यात्मिक साधना पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संत शाही स्वामी महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता, सदाचार, प्रेम, सेवा एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया. उनका जीवन त्याग, तपस्या एवं आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत उदाहरण है.

संतमत आत्मज्ञान और ईश्वर भक्ति का मार्ग

प्रवचन के दौरान स्वामी महेशानंद महाराज ने संतमत की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि संतमत मानव जीवन को आत्मज्ञान, ईश्वर भक्ति एवं आंतरिक शांति की ओर ले जाने वाला मार्ग है. संतमत का मूल उद्देश्य मनुष्य को बाहरी आडंबरों से हटाकर ध्यान, साधना एवं आत्मचिंतन के माध्यम से परमात्मा से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि ध्यान-साधना मन एवं आत्मा को शुद्ध करने का सर्वोत्तम माध्यम है. नियमित ध्यान करने से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मबल एवं मानसिक शांति का विकास होता है. आज की भाग दौड़ एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में संतमत द्वारा बताए गये ध्यान एवं साधना के मार्ग की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है.

मानव सेवा और सद्भाव का दिया संदेश

मौजूद महात्माओं ने कहा कि संत शाही स्वामी महाराज ने सदैव सत्य, अहिंसा, संयम, गुरु भक्ति एवं ध्यान-साधना का संदेश दिया. उन्होंने समाज को जाति-पांति, ऊंच-नीच एवं भेदभाव से ऊपर उठकर मानव सेवा और ईश्वर भक्ति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी. वक्ताओं ने कहा कि उनके बताये मार्ग पर चलकर व्यक्ति आत्मिक शांति एवं जीवन के वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है. नयी पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए.

भजन-कीर्तन से भक्तिमय बना वातावरण

सत्संग के दौरान भजन-कीर्तन एवं गुरु महिमा का भी आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. श्रद्धालुओं ने संत शाही स्वामी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >