Baba Mateshwar Dham : सहरसा प्रखंड क्षेत्र के कांठो स्थित मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध बाबा मटेश्वर धाम में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला 2026 को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है. मेला आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिहार सरकार ने 10 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपलब्ध राशि से इस राशि को खर्च करने की अनुमति दी गयी है.
विभागीय पत्र में सहरसा जिलाधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए बाबा मटेश्वर धाम में श्रावणी मेला 2026 के आयोजन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किये जाने की जानकारी दी गयी है. राशि का उपयोग मेला से जुड़े विभिन्न आवश्यक कार्यों और व्यवस्थाओं में किया जायेगा.
कांवरियों और डाकबम की भीड़ को देखते हुए अहम फैसला
बाबा मटेश्वर धाम में सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, कांवरिया और डाकबम पहुंचते हैं. श्रावणी मेला के दौरान मंदिर परिसर से लेकर कांवरिया मार्ग तक व्यापक प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ती है.
ऐसे में राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किये जाने के बाद मेला की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है. प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.
मेला की व्यवस्थाओं पर खर्च होगी स्वीकृत राशि
सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत राशि का उपयोग केवल श्रावणी मेला 2026 के आयोजन से संबंधित विभिन्न मदों में किया जायेगा. राशि का इस्तेमाल किसी दूसरे कार्य में नहीं किया जा सकेगा.
मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आयोजन से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा करने में इस राशि का उपयोग किया जाना है.
वित्तीय नियमों के तहत होगी राशि की निकासी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आदेश के अनुसार स्वीकृत राशि की निकासी आवंटन के बाद सीएफएमएस 2.0 के माध्यम से की जायेगी. राशि का खर्च वित्त विभाग के निर्धारित प्रावधानों और पूर्व में जारी विभागीय निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा.
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत राशि का किसी भी परिस्थिति में विचलन नहीं किया जायेगा. यानी राशि को निर्धारित उद्देश्य के अलावा किसी अन्य कार्य में खर्च नहीं किया जा सकेगा.
तीन महीने में देना होगा उपयोगिता प्रमाणपत्र
सरकार ने राशि खर्च करने के साथ जवाबदेही भी तय की है. आदेश के अनुसार आवंटित राशि की उपयोगिता का प्रमाण-पत्र तीन माह के अंदर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराना होगा.
इसके अलावा अतिरिक्त वित्तीय दायित्व सृजित नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है. स्वीकृत राशि के उपयोग और उससे संबंधित वित्तीय प्रक्रिया की जिम्मेदारी संबंधित समाहर्ता, अपर समाहर्ता और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की होगी.
पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा पर रहेगा जोर
बाबा मटेश्वर धाम में सावन के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सरकार से मिली राशि प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन से जुड़े आवश्यक कार्यों को गति मिलने की संभावना है.
बड़ी संख्या में पहुंचने वाले कांवरियों और डाकबम को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, पेयजल, साफ-सफाई समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
10 लाख रुपये की स्वीकृति के बाद अब जिला प्रशासन के सामने मेला व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी होगी, ताकि सावन के दौरान बाबा मटेश्वर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और श्रावणी मेला शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके.
