Anand Kumar Jha Literature Award: सहरसा के स्कूल में रोज गूंजने वाली प्रार्थनाओं को शब्दों और भावनाओं के साथ एक जगह संजोने की कोशिश अब साहित्यिक सम्मान तक पहुंच गयी है. राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित पीएम श्री हाई स्कूल सहसौल के शिक्षक और साहित्यसेवी आनंद कुमार झा को उनकी संपादित कृति ‘प्रार्थना गीत’ के लिए प्रतिष्ठित पंडित चंदा झा साहित्य सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया है.
शिक्षा और साहित्य, दोनों क्षेत्रों में सक्रिय आनंद कुमार झा को यह सम्मान मिलने के बाद सहरसा के साहित्यिक और शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है. अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई की ओर से आयोजित सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया.
स्कूल की प्रार्थनाओं को पुस्तक का रूप देने की पहल
आनंद कुमार झा की संपादित कृति ‘प्रार्थना गीत’ विद्यालयों में होने वाली प्रार्थनाओं का संकलन है. इसमें प्रार्थना के साथ संस्कार, मानवीय मूल्यों और सकारात्मक जीवन-दृष्टि से जुड़ी भावनाओं को स्थान दिया गया है.
कृति की खासियत यह है कि विद्यालय में प्रतिदिन सुनाई देने वाली प्रार्थनाओं को सिर्फ धार्मिक या औपचारिक गतिविधि के रूप में नहीं देखा गया है. इन्हें बच्चों के संस्कार, संवेदना और सकारात्मक सोच से जोड़ने की कोशिश की गयी है.
पुस्तक में शामिल सामग्री बच्चों के भीतर साहित्यिक और सांस्कृतिक विविधता के भाव विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
शिक्षा के साथ साहित्य में भी बनायी पहचान
आनंद कुमार झा ने शिक्षण के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है. राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होना उनकी शैक्षणिक सेवाओं की उपलब्धि है.
इसके साथ ही वह साहित्य के प्रति भी लगातार सक्रिय रहे हैं. उनकी साहित्यिक रुचि और रचनात्मक योगदान ने उन्हें शिक्षा के साथ साहित्य के क्षेत्र में भी अलग पहचान दिलायी है.
‘प्रार्थना गीत’ के लिए मिला सम्मान इसी साहित्यिक सक्रियता को मिली एक नयी पहचान के तौर पर देखा जा रहा है.
बच्चों में संस्कार और मानवीय मूल्यों पर जोर
‘प्रार्थना गीत’ के जरिये प्रार्थनाओं के माध्यम से बच्चों तक सकारात्मक जीवन-दृष्टि और मानवीय मूल्यों को पहुंचाने की कोशिश की गयी है.
आज स्कूलों में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं माना जाता. बच्चों में संवेदना, संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करना भी शिक्षा का अहम हिस्सा है. ऐसे में विद्यालयी प्रार्थनाओं के संकलन को साहित्यिक कृति का रूप देना शिक्षा और साहित्य के बीच एक दिलचस्प सेतु बनाता है.
सम्मान ने बढ़ायी जिम्मेदारी
सम्मान मिलने के बाद आनंद कुमार झा ने इसे अपने लिए गौरव का विषय बताया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें साहित्य और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देता है.
उन्होंने सम्मान के लिए अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई के प्रति आभार जताया.
उनके लिए यह सम्मान सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे भी शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहने की प्रेरणा है.
Anand Kumar Jha Literature Award: साहित्यकारों और शिक्षकों ने दी बधाई
सम्मान समारोह में मौजूद साहित्यकारों, शिक्षकों और साहित्यप्रेमियों ने आनंद कुमार झा को बधाई दी. लोगों ने कहा कि शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में उनकी सक्रियता नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी है.
साहित्य और शिक्षा के माध्यम से संस्कार, संवेदना और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया.
राजकीय शिक्षक पुरस्कार के बाद अब ‘प्रार्थना गीत’ के लिए पंडित चंदा झा साहित्य सम्मान मिलना आनंद कुमार झा की दोहरी पहचान को सामने लाता है. एक ओर वह शिक्षक के रूप में बच्चों के बीच काम कर रहे हैं, तो दूसरी ओर साहित्य के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को शब्द देने की कोशिश कर रहे हैं.
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