अमृत भारत ट्रेन, अमृत काल की अनुपम सौगात

कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद अमृत भारत ट्रेन के प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटित होने पर संशय बना हुआ है.

सहरसा. कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद अमृत भारत ट्रेन के प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटित होने पर संशय बना हुआ है. हालांकि, अमृत भारत ट्रेन का परिचालन किया जायेगा. जिसकी समय सारिणी भी जारी कर दी गयी है. इसे लेकर सहरसा जंक्शन पर तैयारी भी की जा रही है. आम आदमी भी शान व आराम से करेंगे यात्रा अमृत भारत 2.0 ट्रेन भारतीय रेल की आधुनिक पहल है. जो आम यात्रियों को कम किराये में बेहतर सुविधा, आराम व स्वदेशी तकनीक का अनुभव देती है. इस ट्रेन को विशेष रूप से मिडिल क्लास व अंत्योदय के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसके कोच पूरी तरह से भारत में बने हैं व आत्मनिर्भर भारत की भावना को और मजबूती देते हैं. अमृत भारत ट्रेन सुविधाजनक है. इसका लुक व डिज़ाइन भी अत्यंत आकर्षक है. यह किसी प्रीमियम ट्रेन जैसा अनुभव देती है. रेलवे की यह कोशिश है कि आम आदमी भी शान व आराम के साथ यात्रा कर सके व इसी सोच के साथ यह ट्रेन शुरू की गयी है. पर्यावरण के प्रति सजग पर्यावरण के प्रति सजगता, ऊर्जा की बचत व यात्रियों की सुविधा यह तीनों पहलू इस ट्रेन की पहचान है. यह ट्रेन देश के विकास की नई रफ्तार व बदलते भारत की झलक है. तकनीक से बढ़ी सुरक्षा अमृत भारत 2.0 ट्रेन में सुरक्षा व तकनीकी दृष्टिकोण से कई महत्वपूर्ण सुधार किये गये हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कपलर में क्रैश ट्यूब व असिस्टेड ब्रेक सिस्टम की सुविधा दी गयी है. जिससे तेजी से ब्रेक लग सकेगा. यह पूरी तरह से सील्ड गैंगवे व वैक्यूम एवैक्यूशन सिस्टम से लैस है. हर कोच में टॉक बैक यूनिट व गार्ड रूम में रिस्पॉन्स यूनिट से यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया गया है. गैर एसी कोचों में पहली बार फायर डिटेक्शन सिस्टम की सुविधा यात्रियों की सुरक्षा में नयी क्रांति है. हर स्थिति में आरामदायक यात्रा अमृत भारत 2.0 के साथ भारतीय रेल में पहली बार ट्रेन में सेमी ऑटोमेटिक काउपलर का उपयोग किया गया है. ट्रेन जुड़ते या अलग होते वक्त झटका नहीं लगता व ना ही आवाज आती है. यह ट्रेन एक एलएचबी पुश पुल ट्रेन है. बेहतर गति के लिए इसके दोनों सिरों पर इंजन लगे होते हैं. जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है. ट्रेन तेजी से गति पकड़ सकती है व ब्रेक लगा सकती है. अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड इसे रफ्तार का सारथी बनाती है. पहली बार एलएचबी कोच में इमरजेंसी टॉकबैक सिस्टम दिया गया है. भारतीय रेल में सेमी ऑटोमेटिक काउपलर टाइप 10 हेड, नॉन एसी कोच में फायर डिटेक्शन सिस्टम दिया गया है. रेल में बाहरी इमरजेंसी लाइट्स व नॉन एसी कोच में फायर डिटेक्शन सिस्टम है. एक नजर में – इसकी गति अधिकतम 130 किमी प्रति घंटा व पूरी तरह सील गैंग वे है. अधिक गद्देदार बर्थ व 22 कोच वाली ट्रेन है. – मिडिल क्लास और अंत्योदत्य को तोहफा – इस ट्रेन से एक हजार किलोमीटर की यात्रा करीब 450 रुपये में संभव है. नॉन एसी कोच में असिस्टेड ब्रेक सिस्टम अमृत भारत ट्रेन मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री में निर्माण किया गया है. जो लोग अक्सर अपने काम के सिलसिले में लंबी दूरी की यात्रा करते हैं व जिनकी उतनी आय नहीं है, वे भी आधुनिक सुविधाओं व आरामदायक यात्रा के हकदार हैं. इन ट्रेनों को गरीबों के जीवन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे या नहीं बना संशय 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री अमृत भारत ट्रेन उद्घाटन करेंगे या नहीं, इस पर संशय बना हुआ है. दरअसल कश्मीर में आतंकी घटना को लेकर प्रधानमंत्री का मधुबनी में कार्यक्रम को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है. वहीं सूत्र के मुताबिक घटना को लेकर सहरसा जंक्शन पर उद्घाटन के दौरान जो भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होना था, उसको निरस्त कर दिया गया है. लेकिन अमृत भारत ट्रेन का उद्घाटन होगा. रेलवे तैयारी में जुटी हुई थी. ………………………. 11015-16 सहरसा लोकमान्य तिलक टर्मिनस को मिला नंबर सहरसा. खगड़िया समस्तीपुर जंक्शन होते हुए नई ट्रेन 24 अप्रैल से शुरू हो रही है. जबकि सहरसा लोकमान्य तिलक टर्मिनस अमृत भारत को 11016 संख्या के साथ रवाना किया जायेगा. लोकमान्य तिलक टर्मिनस सहरसा अमृत भारत 11015 संख्या के साथ चलेगी. ट्रेन दो बजे रात को सहरसा पहुंचेगी, जबकि लोकमान्य तिलक टर्मिनल 12 बजे दिन में चलेगी. वहीं सहरसा से यह ट्रेन सुबह 4:20 में रवाना होगी. ऐसे में अब यात्रियों को ट्रेन का उद्घाटन व बुकिंग खुलने का इंतजार है. इधर नमो भारत की रैक जयनगर भेज दी गयी है. सहरसा लोकमान्य तिलक टर्मिनस सहरसा से खुलने के बाद खगड़िया, सलोना, हसनपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सोनपुर, पाटलिपुत्र, दानापुर, आरा, बक्सर व पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर कमर्शियल स्टॉपेज दिया गया है.

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By Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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