फिर से रेलवे बोर्ड भेजा गया 500 करोड़ से कम का प्रस्ताव

सहरसा-मानसी रेलखंड पर दोहरीकरण की योजना का सपना वर्ष 2026 में कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए जल्द साकार होगा.

मानसी-सहरसा रेलखंड का दोहरीकरण फाइनेंस स्वीकृति पर मामला था अटका

समस्तीपुर रेल मंडल ने बीते महीने दिसंबर 2025 में बजट कम कर रेलवे बोर्ड को भेजा प्रस्ताव

नीरज कुमार वर्मा, सहरसा

सहरसा-मानसी रेलखंड पर दोहरीकरण की योजना का सपना वर्ष 2026 में कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए जल्द साकार होगा. 41 किलोमीटर लंबी सहरसा-मानसी रेलखंड पर फाइनेंस स्वीकृति को लेकर रेलवे बोर्ड में जो उलझनें थी, उसे मंडल स्तर पर अब दूर कर नया बजट प्रस्ताव मंत्रालय भेज दिया गया है. उम्मीद है कि एक से दो महीने में रेलवे बोर्ड से दोहरीकरण के लिए ग्रीन सिग्नल मिल जायेगा. हालांकि पहले ही रेलवे बोर्ड सहरसा-मानसी 41 किलोमीटर रेलखंड को दोहरीकरण की स्वीकृति दे चुकी थी, लेकिन भारी भरकम बजट के कारण रेलवे बोर्ड फाइनेंशियल स्वीकृति नहीं दे रही थी. अब डीआरएम स्तर पर बजट कम कर बीते महीने दिसंबर में रेलवे बोर्ड प्रस्ताव भेज दिया गया है. अब समस्तीपुर रेल मंडल को ग्रीन सिग्नल का इंतजार है.

क्या था फाइनेंशियल मामला

दरअसल सहरसा-मानसी 41 किलोमीटर रेलखंड पर दोहरीकरण की स्वीकृति रेलवे बोर्ड पहले ही दे चुकी है, लेकिन सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट पर रेलवे मुख्यालय से दोहरीकरण की योजना पर करीब 1000 करोड़ की राशि खर्च होने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड भेजा गया था. भारी बजट होने के कारण रेलवे बोर्ड ने बजट कम करने का प्रस्ताव रेल मंडल को भेजा था. भारी बजट के कारण रेलवे बोर्ड फाइनेंशियल स्वीकृति नहीं दे रही थी.

नया प्रारूप तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव

समस्तीपुर रेल मंडल ने दोहरीकरण के लिए 500 करोड़ से कम का बजट प्रस्ताव बीते महीने दिसंबर में रेलवे बोर्ड को भेज दिया है. डीआरएम स्तर पर एक हजार करोड़ की राशि को कम कर दोहरीकरण योजना पर 500 करोड़ से नीचे की राशि का नया प्रारूप तैयार कर रेलवे बोर्ड भेजा गया. उम्मीद है कि एक से दो महीने में दोहरीकरण के लिए फाइनेंशियल स्वीकृति रेलवे बोर्ड दे देगी.

नहीं होगा परिचालन बाधित

दोहरीकरण योजना को लेकर डीआरएम स्तर पर कमर कसी जा चुकी है. बस रेलवे बोर्ड के फाइनेंशियल स्वीकृति का इंतजार है. मंडल स्तर के अधिकारियों के मुताबिक दोहरीकरण कार्य जब प्रारंभ होगा, उस दौरान ट्रेन परिचालन में बाधा उत्पन्न नहीं होगी, नये प्रारूप में इसे भी ध्यान में रखा गया है. इसके अलावा सहरसा-मानसी रेलखंड के बीच जो भी रेलवे स्टेशन है, कार्य प्रारंभ के दौरान किसी भी स्टेशन पर यात्री असुविधा नहीं होगी.

नये प्रारूप में बढ़ाई जायेगी सुविधा

दोहरीकरण के लिए रेल मंडल स्तर पर जो नया प्रारूप तैयार कर रेलवे बोर्ड भेजा गया है, उसमें पहले की अपेक्षा सहरसा-मानसी के बीच सुविधा सुविधा बढ़ा दी जायेगी. लाइनों की संख्या में इजाफा किया जायेगा. खासकर जिन स्टेशनों पर रैक पॉइंट की व्यवस्था है, उन स्टेशनों पर लाइन की संख्या अधिक होगी. शुरुआत में जो दोहरीकरण के लिए प्रस्ताव दिया गया था, उसमें मानसी-सहरसा के बीच के स्टेशनों पर चार लाइन होती, लेकिन अब लाइन की संख्या में इजाफा किया गया है. वर्तमान में सहरसा से मानसी जंक्शन के बीच प्रत्येक स्टेशन पर तीन लाइन है, जबकि हॉल्ट स्टेशन पर सिंगल लाइन है.

दोहरीकरण के बाद बढ़ जायेगी लाइन की संख्या

– रैक पॉइंट होने के कारण सोनबरसा कचहरी में सात तो बदला घाट स्टेशन पर आठ लाइन होगी

– धमारा घाट में पांच, कोपरिया में पांच, सिमरी बख्तियारपुर में पांच लाइन होगी- परमिनिया हाॅल्ट में दो, बाबा रघुनी हाॅल्ट में दो, फनगो हॉल्ट में दो लाइन होगी

वर्ष 2005 में हुई थी घोषणा

सहरसा-मानसी अमान परिवर्तन कार्यक्रम पूरा होने के बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बड़ी रेल लाइन को हरी झंडी दिखाई थी. इस दौरान 2005 में ही डबल लाइन निर्माण का आश्वासन दिया गया था. अभी सहरसा से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का परिचालन हो रहा है. जिसमें जोगबनी-सहरसा-दानापुर वंदे भारत, मुंबई-सहरसा अमृत भारत ट्रेन, सहरसा-अमृतसर अमृत भारत ट्रेन शामिल है. ऐसे में सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण के लिए कई बार यहां की जनता आंदोलन भी कर चुकी है.

ट्रेन होती है आउटसाइड

सहरसा-मानसी रेलखंड पर रोजाना 30 से अधिक मेल एक्सप्रेस और सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेन का परिचालन होता है. जिसमें 23 ट्रेनों का रोजाना परिचालन होता है, जबकि सात ट्रेनें साप्ताहिक है. इसके अलावा 10 से 12 रोजाना माल ट्रेनों का परिचालन होता है. ऐसे में सहरसा-मानसी के बीच सिंगल लाइन होने से रोजाना मेल एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन आउटसाइड हो रही है. इस वजह से ट्रेन काफी विलंब से चलती है.

डबल लाइन से मिलेगा फायदा

– पैसेंजर और मेल एक्सप्रेस ट्रेन आउटसाइड नहीं होगी

– इंटरसिटी एक्सप्रेस, जनहित एक्सप्रेस, गरीब रथ सुपर फास्ट ट्रेन सहित अन्य पैसेंजर ट्रेन जिसका लूज टाइम है, समाप्त होगा

– सभी ट्रेन नियत समय से चलेगी

लूज टाइम से भी ट्रेन हो रही आउटसाइड

सिमरी बख्तियारपुर से सहरसा रेलखंड के बीच मात्र 15 किलोमीटर की दूरी है, जबकि सहरसा से मानसी के बीच ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 110 किलोमीटर प्रतिघंटा है. ऐसे में सिमरी बख्तियारपुर से सहरसा पहुंचने में मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर एक्सप्रेस से लेकर पैसेंजर ट्रेन को एक घंटा 20 मिनट टाइम निर्धारित किया गया है. ऐसे में कई बार ट्रेन को लूज टाइम होने की वजह से आउटसाइड कर दी जाती है.

वर्ष 2023 में हुआ था सर्वे

सहरसा-मानसी रेलखंड पर दोहरीकरण के लिए वर्ष 2023 में रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सर्वे कराया गया था. करीब 80 लाख की लागत से सर्वे कराया गया था. सर्वे रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेज दी गयी. सर्वे का काम दिल्ली की एक एजेंसी को दिया गया था.

सहरसा से मानसी दोहरीकरण बजट अधिक होने के कारण फाइनेंशियल स्वीकृति नहीं मिल रही थी. अब मंडल स्तर पर राशि कम कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिल जायेगी. दोहरीकरण को लेकर रेल मंडल पूरी तरह से कमर कस चुकी है. निर्माण कार्य प्रारंभ होने के दौरान इस रेलखंड पर परिचालन कहीं बाधित नहीं होगी, इसे ध्यान में रखा गया है.

ज्योति प्रकाश मिश्रा, डीआरएम, समस्तीपुर रेल मंडलB

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