जहां मन किया वहीं लगा दिया वाहन

परेशानी. शहर में नहीं है पार्किंग की व्यवस्था पूरे नप क्षेत्र में कहीं भ्ी वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. लोग सड़क किनारे जहां-तहां अपने वाहन लगाते हैं. ऐसे में प्रतिदिन जाम की समस्या से शहरवासी जूझते हैं. सहरसा : नगर परिषद बने हुए दशकों बीत गये, लेकिन आज तक शहर में पार्किंग की व्यवस्था […]

परेशानी. शहर में नहीं है पार्किंग की व्यवस्था

पूरे नप क्षेत्र में कहीं भ्ी वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. लोग सड़क किनारे जहां-तहां अपने वाहन लगाते हैं. ऐसे में प्रतिदिन जाम की समस्या से शहरवासी जूझते हैं.
सहरसा : नगर परिषद बने हुए दशकों बीत गये, लेकिन आज तक शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पायी है. इसका नतीजा यह है कि प्रतिदिन लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है. राज्य के सभी शहर को स्मार्ट बनाने की घोषणा जब सरकार के द्वारा की गयी तो लोगों में आस जगी कि अब सहरसा नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले लोगों के भी दिन बहुरेंगे.
कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी, लेकिन लोगों की यह उम्मीद आज की तिथि में भी उम्मीद ही बनी हुई है. सहरसा नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं. इसकी आबादी लगभग दो लाख है, जिस तरह से नगर की आबादी बढ़ी है. उस अनुरूप में लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही है. पूर्व में 28 वार्डों को मिला कर नगर परिषद बनाया गया था, लेकिन यह इलाका आज भी विकास के लिए किसी उद्धारक की बाट जोह रहा है.
शहर में नहीं है एक भी जगह पार्किंग की व्यवस्था: नगर परिषद क्षेत्र में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. इससे लोग सड़कों पर ही यत्र-तत्र वाहन लगा देते हैं. और प्रतिदिन लोगों को जाम की समस्याओं से जूझना पड़ता है. शहर के ट्रैफिक चौक से लेकर थाना चौक व शंकर चौक से दहलान चौक तक जो अति व्यस्ततम इलाका है, इन जगहों पर पार्किंग जोन होना चाहिए, ताकि लोग वाहन लगा कर अपना काम कर सकें.पार्किंग के लिए लगातार आवाज उठती रही है. कई बार तो आंदोलन भी किया गया लेकिन इस दिशा में सकारात्मक पहल नहीं हो पायी है.
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास भी सुविधा नहीं
शहर में प्रतिदिन मॉल, बड़ी-बड़ी दुकानें व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का खुलना जारी है, लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि एक भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. नतीजा है कि सैकड़ों की संख्या में आने वाले ग्राहक अपने वाहन सड़क पर लगाकर ही इन दुकानों में प्रवेश करते हैं, जो जाम का सबसे बड़ा कारण बनता है. इस दिशा में भी कई बार मांग की गयी, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. डीबी रोड व कपड़ा पट्टी में इस प्रकार की समस्या ज्यादा दिखती है.
जिम्मेवार नहीं देते ध्यान
शहर में बढ़ रहे वाहनों की संख्या के बावजूद पार्किंग की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है. स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर वरीय अधिकारी तक समस्या के समाधान को लेकर सुस्त बने हुए हैं. सड़क के मध्य गाड़ी पार्क होने से बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है. पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने से लोगों में वाहन चोरी होने का अंदेशा भी बना रहता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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