मंगायी जा रही है रिपोर्ट, मीडिया में आयी तसवीरों व नामों के आधार पर होगा मामला दर्ज
सहरसा : बात-बात पर जाम करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है. इस बाबत सदर एसडीओ सौरभ जोड़वाल ने कहा कि सहरसा में प्रशासन द्वारा यह देखा जा रहा है कि आये दिन कुछ लोगों द्वारा सड़क जाम कर आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है. जाम के कारण आम जनता को कई आपातकालीन आवश्यकता से वंचित रहना पड़ता है तथा उनका बहुमूल्य समय भी बरबाद होता है. एसडीओ ने कहा कि पिछले एक माह के सड़क जाम का विश्लेषण करने पर पाया गया है कि प्रत्येक जाम में चुनिंदा लोग जाम के लिए लोगों को उकसाते हैं.
जिसका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक लाभ प्राप्त करना तथा मीडिया का दुरूपयोग कर खबरों में छाये रहना था. कुछ घटना में तो यह भी पाया गया कि प्रशासन द्वारा आश्वासन मिलने व नियमानुसार कार्यवाही के बाद भी केवल खबर में आने के लिए जाम लगाया गया. ऐसे में निर्णय लिया गया है कि अब से प्रत्येक जाम के बाद उपस्थित मजिस्ट्रेट के बयान व मीडिया में आये फोटो व नाम के आधार पर अगले दिन प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाई की जायेगी. पिछले एक माह के सभी जाम की रिपोर्ट भी सभी मजिस्ट्रेट से मांग की गयी है तथा तीन जाम की रिपोर्ट प्राप्त भी हो चुकी है. सभी जाम की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर अग्रतर कार्यवाही की जायेगी. साथ ही अनुमंडल कार्यालय में भी जाम में शामिल लोगों पर धारा 107 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी. 30 अप्रैल 2017 को सौरबाजार में चावल मिल के सामने लगाये गये जाम के सभी सम्मलित लोगों पर धारा 107 के अंतर्गत कार्यवाई कर दी गयी है. शेष जाम पर भी रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जायेगी. सद एसडीओ ने कहा कि आम जनता से भी निवेदन है कि जाम किसी समस्या का समाधान नहीं है. जाम से प्रशासन से अधिक समस्या आम लोगों को ही होती है. किसी भी समस्या के संबंध में अनुमंडल कार्यालय व अनुमंडल पुलिस कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है. यथोचित कार्यवाही एक बार आवेदन देने के बाद ही हो जायेगी तथा इसके लिए अन्य नागरिकों को परेशान करने की आवश्यकता नहीं है.
