लापरवाही. डिवाइडर के नाम पर बना रहे मजाक
डीबी रोड में लगाया जा रहा डिवाइडर बनता जा रहा है मजाक
छह माह से लगातार किया जा रहा है प्रयोग, नहीं हुआ पूरा
सुविधा से अधिक बढ़ गयी है लोगों की परेशानी
सहरसा : साहब जी! शहर की सुंदरता के साथ खेलना बंद कीजिए. यदि सूरत संवार नहीं सकते तो बिगाड़िये भी मत. आपने लोगों की सुविधा, जाम पर नियंत्रण व यातायात के नियमों का पालन के उद्देश्य से डीबी रोड में डिवाइडर लगाने की योजना बनायी. काम भी शुरू हुआ. लेकिन कछुए के चाल से भी धीमी गति से हो रहा काम लोगों की परेशानी का सबब बन गया है. ऐसा लग रहा है कि प्रशासन डिवाइडर देने का लगातार असफल प्रयोग ही कर रहा है.
यू आकार में मुड़ीं पट्टियां
मछली बाजार के मुहाने से लेकर अपोलो इलेक्ट्रिक के सामने तक इन डिवाइडर पोलों से लगी पट्टियां पूरी तरह यू आकार में मुड़ गयी है. इससे राहगीर सहित वाहनों को बड़ी परेशानी हो रही है. कामाख्या मोबाइल के आगे तीन पट्टियों का कोना खतरनाक रूप से बाहर निकला है. जो लोगों को गंभीर रूप से जख्मी करने के लिए तैयार है. आलोक पनीर कॉर्नर के आगे कई पोलों के बीच की पट्टी या तो टूटी हुई है या गायब हो चुकी है. थाना चौक की ओर से कई पोल व पट्टियां अभी ही एक ओर झुक गयी है. प्रशासन के इस प्रयोग से शहर का सबसे व्यस्ततम व सुंदर डीबी रोड की सुंदरता पर ग्रहण लगता जा रहा है.
बिना सड़क के चौड़ीकरण किये, फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराये और पार्किंग की व्यवस्था किये डिवाइडर लगाने की योजना बनायी गयी. छह माह पूर्व सड़क के बीचोबीच खंभे गाड़ कर छोड़ दिये गये. इस खंभे से टकराने से कई दुर्घटनाएं हुई. कई खंभे भी टेढ़े हो गये. फिर हाल के दिनों में उन खंभों को लोहे की दो पट्टियों से जोड़ने का काम शुरू हुआ. पट्टियां इतनी कमजोर थीं कि अगले ही दिन कई पट्टियां खंभे से अलग हो गयीं. कुछ दोनों ओर के खंभों से अलग हो नीचे सड़क पर गिर गयी,
तो टूटने के बाद कितनी ही पट्टियां गायब भी हो गयी. कई पट्टियों के कोने खतरनाक रूप से बाहर निकले पड़े हैं. पट्टियों के टूटने के बाद दो खंभों के बीच की दूरी को कारण मान सड़क खोद बीच-बीच में वैसी ही लोहे की पट्टी का बदसूरत सहारा दिया जा रहा है. उसके भी कारगर नहीं होने के बाद अब लोहे का पाइप गाड़ पट्टियों को उससे जोड़ा जा रहा है. कुल मिला कर छह महीने से शहर के डीबी रोड में डिवाइडर देने का प्रयोग ही किया जा रहा है.
