बिजली िवभाग की उदासीनता के कारण शहर की मुख्य सड़क व गली मोहल्ला में लटकते व क्षतिग्रस्त बिजली तार अनहोनी को आमंत्रण दे रहा है. उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिकारी राजस्व वसूली को ज्यादा तरजीह देते हैं. सुविधा की ओर ध्यान नहीं देते.
एक तरफ बिजली विभाग राजस्व वसूलने में दिलचस्पी दिखा रहा है. वहीं सुविधा देने के प्रति विभाग लगातार मौन व्रत में है. शहर की मुख्य सड़क हो या गली मोहल्ला, लटकते व क्षतिग्रस्त तार अनहोनी को आमंत्रण दे रहे हैं. कब कौन इस तार की चपेट में आ जाय, कहना मुश्किल है. लोगों से प्रतिमाह बिल की वसूली करने वाले विभाग को उपभोक्ता को सुविधा देने से कोई लेना देना नहीं है. शहर के कुछ मोहल्ले को छोड़ अधिकांश मोहल्ले में उपभोक्ता सौ मीटर की अधिक दूरी पर स्थित पोल से तार खींच बांस के सहारे अपने घर तक बिजली ले जाने के लिए मजबूर हैं.
शायद विभागीय अधिकारी भी किसी अनहोनी का इंतजार है. सब कुछ जानकरभी विभाग उपभोक्ताओं को तय सुविधा देने का प्रयास नहीं कर रहा है.
कभी समस्या देखने भी निकलें अधिकारी : जानकारी के अनुसार विभागीय अधिकारी परेशानी जानने कभी भी क्षेत्र में नहीं निकलते हैं. निकलते हैं तो सिर्फ कार्रवाई करने व राजस्व वसूलने. विभाग को चलाने व लोगों को सुविधा देने के लिए यह भी जरूरी है, लेकिन गलत लोगों को छोड़ विभाग जिस उपभोक्ता से राजस्व की वसूली करते हैं. उन्हें सुविधा मिल रही है या नहीं, इस पर भी ध्यान देना विभाग के अधिकारियों का कर्तव्य है. लेकिन विभागीय अधिकारी राजस्व वसूली को ही ज्यादा तरजीह देते हैं. ताकि वरीय अधिकारी व विभाग में उसकी पहचान कायम रह सके. लोगों ने विभाग के वरीय अधिकारियों से उपभोक्ताओं की समस्या पर भी ध्यान देने की मांग की है.
शहर के वार्ड नंबर 23 स्थित प्रमोद झा के घर के पास वर्षों से हाइ वोल्टेज तार जमीन से पांच फीट की ऊंचाई पर लटक रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारी से शिकायत की गयी, लेकिन तार ऊंचा करना तो दूर की बात, समस्या को देखने तक के लिए कोई नहीं आया. कमोबेश यह स्थिति शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आती है. लोगों ने कहा कि हल्की हवा में भी सभी तार आपस में सट जाते हैं.
जिससे अक्सर चिंगारी गिरती है. इसके अलावा जर्जर तार में कई जगहों पर चिंगारी हमेशा जलती रहती है. लोगों ने कहा कि सबसे ज्यादा समस्या बच्चों को होती है. जब बच्चा सड़क पर निकलता है तो लौटने तक अनहोनी की आशंका बनी रहती है. जर्जर तार व पोल को बदलने की सख्त आवश्यकता है. लोगों ने कहा कि मोहल्ला के अधिकांश सड़कों में बांस के सहारे तार गुजरा है.
गरमी शुरू होते ही आंख मिचौनी शुरू
गरमी शुरू होते ही बिजली की आंख मिचौनी शुरू हो गयी है. सुबह उठते ही सूरज का पारा आसमान छूते रहता है. वहीं जब तक लोगों को पंखे की ठंडक का अहसास होता है. बिजली गुल हो जाती है. इतना ही नहीं, हल्की सी हवा में ही बिजली गुल हो जाती है. लोगों ने कहा कि प्रमंडलीय मुख्यालय होने के बावजूद यह उपेक्षा का शिकार हो रहा है. जबकि पड़ोसी जिले में अनवरत आपूर्ति जारी रहती है.
