वाहनों की होगी नीलामी निर्णय. शराब लदी दो गाड़ियां की गयी थीं जब्त

शराबबंदी के बाद शराब पीनों पर कार्रवाई हो रही है. शराब लदे वाहनों को भी जब्त कर थाने में रखा गया था. अब पहली बार इन वाहनों को नीलाम किया जायेगा. कार्रवाई के लिए थानेदार ने डीएम को आवेदन दिया है. सहरसा : बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद पहली बार शराब के […]

शराबबंदी के बाद शराब पीनों पर कार्रवाई हो रही है. शराब लदे वाहनों को भी जब्त कर थाने में रखा गया था. अब पहली बार इन वाहनों को नीलाम किया जायेगा. कार्रवाई के लिए थानेदार ने डीएम को आवेदन दिया है.

सहरसा : बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद पहली बार शराब के साथ पकड़ाये वाहन की नीलामी के लिये कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. सदर थाना पुलिस ने बीते फरवरी माह में शराब के साथ पकड़ाये दो बड़े वाहनों की नीलामी के लिये पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिला पदाधिकारी को आवेदन दिया है. मालूम हो कि दो अक्तूबर को शराबबंदी कानून में संशोधन के बाद शराब लाने में प्रयुक्त होने वाले वाहन को जब्त करने का नियम तय है.
सदर थानाध्यक्ष भाई भरत ने बताया कि कांड के अनुसंधानकर्ता देव कुमार गिरी ने दोनों वाहन स्कार्पियो (बीआर 11एच 9908) व इंडिगो कार (बीआर 19 के 1334) की नीलामी के लिये 17 अप्रैल को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन किया जा रहा है. थानाध्यक्ष ने बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है. शराब रखना, बेचना या पीना अपराध है. उन्होंने बताया कि दोनों पर नये उत्पाद नीति के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. शराबबंदी का उल्लंघन किसी भी सूरत में बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
शराबी वाहन एक नजर में
18 नवंबर : सदर थाना क्षेत्र के पंचवटी चौक पर वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर की ग्लैमर बाइक पर दो युवकों को पुलिस ने शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार युवक रीतू राज व चंदन साह गांधी पथ के रहने वाले थे.
25 फरवरी : सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक स्कॉर्पियो (बीआर 11एच 9908) पर सवार पांच व्यक्तियों सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के सिमरी निवासी सुधीर कुमार, मुकेश कुमार, सोनू कुमार, सूरज कुमार, मुकेश कुमार को शराब के साथ हिरासत में लिया था. स्कॉर्पियो की तलाशी के दौरान 375 एमएल रॉयल स्टेग ब्रांड के दो बोतल व लगभग 72 हजार रुपये जिसमें दो हजार, पांच सौ, सौ, पच्चास, दस, बीस के नोट जब्त किये गये थे.
28 फरवरी : सदर थाना पुलिस ने रहुआ नहर के करीब इंडिगो बीआर 19 के 1334 में शराब सहित चार लोगों बनगांव निवासी चंचल कुमार खां, आशीष कुमार, श्रीराम कुमार व सुशील कुमार को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने आरएस ब्रांड शराब के 750 एमएल वाले 17 बोतल शराब बरामद हुई थी.
इलाके में पहली बार हो रही यह कार्रवाई
सजा के साथ जुर्माना भी
बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में शराबबंदी को लेकर कड़े कानून बनाये गये हैं. नये कानून में यह प्रावधान है कि अगर किसी घर में शराब पीते हुए व्यक्ति के पकड़े जाने और शराब पीने की अनुमति दिये जाने की स्थिति में पकड़े जाने पर कम से कम पांच साल और अधिक से अधिक सात साल तक की सजा का प्रावधान है. ऐसी स्थिति में कम से कम एक लाख रुपये और अधिक से अधिक दस लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है. शराब की तस्करी में शामिल लोगों पर कार्रवाई के अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के मकान में बतौर किरायेदार धंधा को शह देने वाले लोगों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है.
कड़ी सजा का है प्रावधान: नये नियम में यह प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति शराब की तस्करी करने में महिला या 18 साल से कम उम्र के बच्चों का इस्तेमाल करता है तो उसे कम से दस साल और अधिक से अधिक आजीवन कारावास की सजा हो सकती है. इसमें भी आर्थिक तौर पर कम से कम एक लाख और अधिक से अधिक दस लाख रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. अगर किसी के घर से शराब की बोतल की बरामदगी होती है तो वैसी स्थिति में यह जानकारी देनी होगी कि घर में शराब कैसे लायी गयी. जानकारी नहीं देने पर घर के मालिक को कम से कम आठ साल तक की सजा का प्रावधान नये शराबबंदी कानून में है. अगर किसी गांव में शराब पर प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है तो वैसी स्थिति में उस जिले के जिलाधिकारी को यह शक्ति इस नये कानून में दी गयी है कि वो उस गांव पर सामूहिक जुर्माना लगा सकता है. इस तरह के और कई अन्य कठोर कानून भी बिहार मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 में हैं.

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