प्रशासनिक उदासीनता के कारण नहीं बन रहा है पंचायत सरकार भवन
सत्तरकटैया : बिहार सरकार द्वारा पंचायती राज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन निर्माण कराने की घोषणा की गयी थी. जो प्रशासनिक उदासीनता के कारण नहीं बन पा रहा है. जहां बनकर तैयार भी हुआ है, वहां भी पंचायत की सरकार व ग्राम कचहरी के न्यायधीश बैठने को तैयार नहीं हैं. इसके कारण प्रखंड की चौदह पंचायतों में मुखिया व सरपंच के निजी आवास व पंचायत सचिव व कर्मचारी के घर पर पंचायत का काम चलता है.
पंचायती राज व्यवस्था को लागू हुए 16 साल बीत जाने के बावजूद अधिकांश पंचायतों का कार्यालय पंचायत सचिव के झोले में रहता है. जिसे जरूरत पड़ने पर खोजने के लिए आम लोग परेशान रहते हैं. पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराने के लिए सीओ, सीआइ व कर्मचारियों को जमीन खोजने का दायित्व सौंपा गया था. वहीं भवन निर्माण कराने के लिए बीडीओ को जिम्मेवारी दी गयी थी.
कार्य अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है. प्रखंड के चौदह पंचायतों में विशनपुर व बारा में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया गया है. जिसके बनकर तैयार होने के बावजूद पंचायत की सरकार नहीं बैठती है. शेष बारह पंचायतों में जमीन अभी तक खोजा नहीं जा सका है. मालूम हो कि लाखों की लागत से बनने वाले इस सरकार भवन में पंचायात की जनता के लिए सभी सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनायी गयी है. पंचायत के मुखिया व सरपंच से लेकर वार्ड सदस्य व पंच के अलावा सभी कर्मियों को बैठने के लिए कार्यालय का निर्माण होना है.
पंचायत सरकार भवन बनने व संचालित होने से पंचायत की जनता को किसी भी काम के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी. इस मामले में पूछने पर सीओ शशि कुमार ने बताया कि पंचायत सरकार भवन बनाने के लिए 90 डिसमिल बिहार सरकार की जमीन होना आवश्यक है. इसके लिए विभिन्न पंचायत के कर्मचारियों को जमीन खोजने का निर्देश दिया गया है. जमीन उपलब्ध होते ही भवन निर्माण कराने के लिए रिपोर्ट भेजी जायेगी.
