निकलने लगी तेज धूप छाता का करें इस्तेमाल
सहरसा : मार्च महीने के अंतिम सप्ताह से ही मौसम का पारा अपना तेवर दिखाने लगा है. अप्रैल महीना के शुरुआत में ही यह 35 के करीब पहुंच चुका है. अभी से ही लोग गरमी से हलकान होने लगे हैं. जबकि चैत के बाद अभी वैशाख और जेठ का पूरा महीना बाकी ही है.
पसीने से तर-बतर हो रहे लोग
अप्रैल महीना के शुरु होते ही गरमी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. सुबह होते ही सूरज की तीखी किरणें सिर के उपर चढ़ जाती है. सुबह सबेरे स्नान करना लोगों को भाने लगा है. दिन-रात पंखे की हवाखोरी की जरूरत महसूस होती है. दिन चढ़ते ही लोग पसीने से तर-बतर होने लगे हैं. लोग अभी से ही सूती या अन्य हल्के-फुल्के कपड़े पहनने लगे हैं. गर्म खाने से लोग दूर भाग रहे हैं. जबकि बार-बार ठंडा पानी पी रहे हैं. बाजार में बेल के शरबत, आम के जूस, गन्ने का रस सहित कोल्ड ड्रिंक्स के काउंटर पर भीड़ जुटने लगी है. बाजार में हाथ पंखा भी बिकना शुरू हो गया है. राहगीर छांव की तलाश में पेड़ों के नीचे रुकने लगे हैं.
सजग रहें, बीमारी से बचें
मौसम में परिवर्तन व तापमान में अत्यधिक वृद्धि से लोग तेजी से बीमार भी पड़ने लगे हैं. डॉ अभिषेक कुणाल कहते हैं कि गरमी में लापरवाही बरतने से लोग कई तरह के रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं. खान-पान का ख्याल नहीं रखने पर पेट की समस्या से ग्रस्त हो जाते हैं. लोगों को जितना हो सके तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए. धूप में अधिक समय बिताने पर लू लगने के साथ चेचक व चर्मरोग का खतरा बढ़ जाता है. दस्त, कब्ज व उल्टी की परेशानी भी बढ़ जाती है. धूप में निकलते वक्त सिर पर तौलिया या अन्य कपड़ा रख लेना चाहिए. गरमी में बार-बार और खूब पानी पीना चाहिए. लेकिन धूप से आने के तुरंत बाद पानी पीने से बचना चाहिए. डॉ कुणाल कहते हैं कि गरमी में गरम भोजन के अलावे मांस, मछली, मुर्गा व अंडे के अधिक सेवन से भी बचना चाहिए. विशेष परेशानी पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
