तैयारी. नगर परिषद चुनाव को लेकर बढ़ने लगी सरगरमी
सात अप्रैल को अधिसूचना जारी होते ही शुरू हो जायेगी नामांकन की प्रक्रिया
सहरसा : इस साल के मई महीने में होने वाले नगर परिषद चुनावों की संभावित तिथि की घोषणा होते ही नगर परिषद चुनाव को लेकर सरगरमी तेज हो गयी है. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से राज्य के सभी नगर परिषद नगर पंचायत व नगर निगम जहां इस साल चुनाव होना तय है,
इसके लिए आयोग ने नामांकन की प्रक्रिया से लेकर मतदान व मतगणना के तारीखों पर अपनी ओर से मुहर लगा दी है. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के तहत सात अप्रैल को अधिसूचना जारी होते ही सहरसा नगर परिषद के चालीस वार्ड व सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत के पंद्रह वार्ड में चुनावी अधिसूचना जारी होने के साथ ही को नामांकन भी उसी दिन से शुरू हो जायेगा. आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम की संभावित तिथि की घोषणा के बाद से नगर परिषद व नगर पंचायत सिमरी बख्तियारपुर इलाके में इन दिनों चुनावी राजनीति की सरगरमी तेज हो गयी है.
सभी वार्ड के संभावित उम्मीदवारों में सरगरमी व बैचेनी को चौक चौराहों पर स्पष्ट देखा जा सकता है. नगर परिषद क्षेत्र के सभी चालीसों वार्ड में संभावित प्रत्याशी जो इस बार के चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, अब खुलकर मैदान में नजर आने लगे हैं. हर वार्ड में नामांकन के पहले ही एक दर्जन से अधिक उम्मीदवार चुनावी भिड़ंत देने के लिए तैयार हैं. नगर परिषद क्षेत्र में नामांकन से पहले ही चुनावी फिजा दिखाई देने लगी है. हर वार्ड में संभावित प्रत्याशियों के होर्डिंग,
बैनर नामांकन के पहले से ही लगना शुरू हो गया है. जिस वार्ड में जायें, वहां का हर सजग युवा से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के सक्रिय कार्यकर्ता अपने आप को उम्मीदवार ही बता रहा है. नगर परिषद चुनाव को लेकर अभी से ही ऐसा माहौल नजर आ रहा है कि जेनरल सीट वाले वार्ड में हर जाति से पांच से छह उम्मीदवार नगर पालिका के चुनाव में भिड़ंत देने के लिए तैयार हैं. संभावना जतायी जा रही है कि नामांकन पूरा होने तक ऐसे सभी वार्ड में लगभग दो दर्जन से अधिक उम्मीदवार प्रत्याशी नजर आयेंगे. यही हाल सुरक्षित व अति पिछड़ा वार्ड में भी देखने को मिल रहा है. वहां भी संभावित प्रत्याशियों की कमी नजर नहीं आ रही है.
एक सीट पर कई दावेदारों ने ताल ठोक अपना भाग्य नगर परिषद व सिमरी के नगर पंचायत में आजमाना शुरू कर रहे हैं. हालांकि संभावित कई ऐसे प्रत्याशी हैं. जिन्होंने पिछले छह महीने पहले से ही वार्ड में लोगों का आशीर्वाद लेने के बहाने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है.
युवा उम्मीदवारों की दावेदारी में रहेगी बढ़ोतरी
14 मई को मतदान की अब तक संभावित तिथि को तय मान कर सभी उम्मीदवारों ने वार्ड में खुलकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है. सबसे बड़ी परेशानी उन प्रत्याशियों के लिए नजर आ रही है. जिनका वार्ड आरक्षण रोस्टर के कारण सुरक्षित या अति पिछड़ा वार्ड में चला गया है. ऐसे वार्ड पार्षदों को अपना वार्ड छोड़ अब नये वार्ड में अपने लिए जगह तलाशने में काफी मुश्किलें आ रही है. वहां पहले से ही ऐसे वार्ड पार्षदों को चुनौती देने के लिए पुराने पार्षद या तो मैदान में हैं या उसी वार्ड के लोग उन्हें वार्ड से बाहरी बता अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर बाहरी वार्ड से आने वाले उम्मीदवार को हराने में जुट गये हैं. इस बार के नगर पालिका चुनाव में हर वार्ड में युवा उम्मीदवारों की दावेदारी व संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी जा सकती है. युवा नेतृत्व नगर परिषद चुनाव की जंग को जितने के लिए बैनर होर्डिंग में तरह-तरह के नारे व स्लोगन से जनता को अपनी तरफ लाने की कोशिश में जुट चुके हैं.
