विधि-व्यवस्था. हड़ताल की वजह से कई जगहों पर कम पड़ गये गार्ड
221 सेमी गार्ड व विधि व्यवस्था में लगे 384 जवान सहित 1115 जवानों के हड़ताल पर चले जाने से कई थाने चालक विहीन हो गये हैं. वहीं अब प्रशिक्षु जवानों को यह जिम्मेवारी दी गयी है. लेकिन अस्त-व्यस्तता की स्थिति बन गयी है.
श्रुतिकांत
सहरसा : सुरक्षा व्यवस्था हो या विधि व्यवस्था, सभी कार्यों में बिहार पुलिस के जवान के साथ-साथ गृह रक्षा वाहिनी की भूमिका जगजाहिर है. इनके बगैर थाना से लेकर बैंक, अस्पताल, डाकघर, कई पोस्ट, अंचल, परिवहन विभाग, उत्पाद विभाग की सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती है.
जिला बल के रीढ़ के रूप में कार्य कर यह हमेशा किसी भी मोरचा को संभालने के लिए तैयार रहता है. लेकिन जब यह रीढ़ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाये, तो स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. मालूम हो कि समान कार्य के बदले समान वेतन सहित न्यायालय के फैसले को लागू करने को लेकर होमगार्ड हड़ताल पर चले गये. हड़ताल पर जाने की सूचना के बाद ही सभी थाना व विशिष्ट लोगों के आवास की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन परेशान रही. विभिन्न जगहों पर तैनात जवान व पुलिस लाइन, प्रशिक्षु जवानों को सुरक्षा की दृष्टिकोण से आनन-फानन में तैनात किया गया. अध्यक्ष जागेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि जबतक सरकार गृहरक्षकों की मूलभूत समस्या व माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लागू नहीं करती हड़ताल जारी रहेगी. वहीं शुक्रवार से जिलापदाधिकारी के समक्ष धरना दिया जायेगा.
221 सेमी गार्ड व 384 जवान विधि व्यवस्था में : जिले में गृह रक्षा वाहिनी के 11 सौ 15 जवान हैं. जिसमें से 221 सेमी गार्ड, 168 लाठी बल व 384 जवान विधि व्यवस्था में तैनात है.
जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक की सुरक्षा में 15, प्रधान डाकघर की सुरक्षा में 10, बैंक ऑफ इंडिया की सुरक्षा में 10, बिजली विभाग की सुरक्षा में 05, परिवहन विभाग की सुरक्षा में 05, मोटरयान निरीक्षक के कार्यालय की सुरक्षा में 05, निबंधन कार्यालय की सुरक्षा में 05, दिवारी रेडियो स्टेशन की सुरक्षा में 10, पंचगछिया पीएचसी की सुरक्षा में 10, उत्पाद विभाग की सुरक्षा में 10 सेमी गार्ड तैनात थे. वहीं सदर थाना में 16 जवान, महिला थाना में चार, सोनवर्षा राज थाना में चार, पतरघट ओपी में चार, काशनगर थाना में चार, बनमा इटहरी ओपी में चार, पस्तपार शिविर में चार, सलखुआ थाना में चार, बख्तियारपुर थाना में चार, बलवाहाट ओपी में चार, सोनवर्षा कचहरी ओपी में चार, महिषी थाना में चार, बिहरा थाना में चार, बनगांव थाना में चार, नवहट्टा थाना में चार, यातायात व्यवस्था में दस जवान तैनात थे.
वहीं सोनवर्षा राज अंचल में चार, पतरघट अंचल में चार, कहरा अंचल में चार, नवहट्टा अंचल में चार, बनमा इटहरी अंचल में चार, सलखुआ अंचल में चार, सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल में चार, अंचल में चार, महिषी अंचल में चार, सत्तरकटैया अंचल में चार जवान तैनात थे. इसके अलावे सिमरीबख्तियारपुर उत्पाद विभाग में चार, महिषी उत्पाद में चार, बिहरा उत्पाद में चार, नवहट्टा उत्पाद में चार जवान तैनात थे. वहीं समाहरणालय गेट पर चार, नगर परिषद में चार, एमएलटी कॉलेज में चार, पॉलिटेक्निक कॉलेज में चार, आनंद मोहन आवास की सुरक्षा में चार, मत्स्यगंधा की सुरक्षा में चार, मासोमात पोखर पर चार, पटेल मैदान में चार, सरडीहा में चार, पटोरी बाजार में चार, कहरा कुटी पर चार जवान तैनात थे.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत लाइन बाबू प्रथम सह प्रभारी मेजर केपी सिंह ने बताया कि गृह रक्षा वाहिनी के हड़ताल से विधि व्यवस्था पर कोई परेशानी नहीं है. सभी जगहों पर लाइन से जवान भेजे जा रहे हैं. प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 50 महिला व 50 पुरुष जवानों को भी विभिन्न जगहों पर तैनात किया गया है. वहीं लगभग छह सौ आर्म्स पार्टी को भी विभिन्न जगहों पर तैनात किया गया है. जिला में जवानों की कोई कमी नहीं है. किसी भी स्थिति से निबटने के लिए विभाग तैयार है.
गृहरक्षकों के हड़ताल पर जाने के बाद जिले के कई थाना चालक विहीन हो गये हैं. जिसके कारण गश्ती से लेकर अन्य कार्यो में थानाध्यक्ष सहित पुलिस अधिकारी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिले के महत्वपूर्ण थाना में से एक सदर थाना के थानाध्यक्ष के वाहन भी चालक विहीन हो गया है. खुद थानाध्यक्ष चालक बन कर महत्वपूर्ण कार्यो को निपटा रहे हैं. यही स्थिति कमोबेश सभी थाना, ओपी व अन्य जगहों की है. हालांकि थाना स्तर पर चालक को रखने की व्यवस्था शुरू कर दी गयी है. इधर जवानों ने पुलिस लाइन स्थित शस्त्रागार में लगभग तीन सौ राइफल व 75 सौ कारतूस जमा कर दिया.
