आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की जीवनी लिखने से मिली ख्याति
शहर के कायस्थ टोला की रहने वाली हैं लेखिका
सहरसा : ऑल जर्नलिस्ट एसोशिएशन की ओर से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला परमश्री मीडिया एक्सीलेंसी अवार्ड 2017 इस बार महिलाओं और दिव्यांगों को समर्पित रहा. जिन महिलाओं ने पत्रकारिता और लेखन के कार्यक्षेत्र में अपनी अनुपम उपलब्धियों के बल पर एक अलग पहचान बनायी है, उन्हें परमश्री मीडिया एक्सेलेंसी अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसी कड़ी में शहर के कायस्थ टोला निवासी दीपक कुमार बोस की बेटी दोयल बोस ने राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले सम्मान के जरिये सहरसा ही नहीं सूबे को गौरवान्वित किया है. नयी दिल्ली के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में देश की प्रतिभाशाली दोयल
बोस को सम्मानित किया गया. दोयल बोस को सम्मान गुआना के एंबेसडर डॉ डेविड पोलार्ड व वेनुजुएला के राजदूत अगस्टो मोंटियाल सहित देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जीवीजी कृष्ण्मूर्ति ने प्रदान किया. बिहार की बेटी, सहरसा जिले की रहने वाली युवा लेखिका व पत्रकार सुश्री दोयल बोस को उनकी पुस्तक राष्ट्रीय नायक मोहन भागवत के लिए सम्मानित किया गया. दोयल बोस भारत की पहली ऐसी लेखिका है, जिन्हें आरएसएस के किसी सरसंघचालक की जीवितावस्था में जीवनी लिखने का श्रेय मिला है. इसके अलावा उनकी लिखी पुस्तकें बच्चों के लिए डॉ भीमराव आंबेडकर और एक कविता संकलन सरोकार भी प्रकाशित हो चुका है. इसके अलावा सैकड़ों रचनाएं देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है. मास कम्यूनिकेशन व एमबीए कर चुकी दोयल एक कुशल भरतनाट्यम नृत्यांगना भी हैं. इसके पूर्व दोयल बोस भारत तिब्बत सहयोग मंच की अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख चुनी गयी थीं. इस मौके पर आरएसएस के इंद्रेश जी, एजेयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीके शर्मा भी मौजूद थे.
