खुलेगा डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार ने दी स्वीकृतिबच्चों में शुरुआती दौर में ही होगी स्वास्थ्य मानकों की जांचसदर अस्पताल में शुरू हुई स्थापना की प्रक्रिया सहरसा : कोसी क्षेत्र में बच्चों की विकलांगता की रोकथाम के लिए डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की स्थापना की जायेगी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार ने […]

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार ने दी स्वीकृति
बच्चों में शुरुआती दौर में ही होगी स्वास्थ्य मानकों की जांच
सदर अस्पताल में शुरू हुई स्थापना की प्रक्रिया

सहरसा : कोसी क्षेत्र में बच्चों की विकलांगता की रोकथाम के लिए डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की स्थापना की जायेगी. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत केंद्र सरकार ने डीआइसी स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. डीआइसी का निर्माण सदर अस्पताल परिसर में कराया जायेगा. डीआइसी के निर्माण में एक करोड़ 22 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. सदर अस्पताल परिसर में लगभग 5500 वर्ग फुट में सेंटर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है. इस सेंटर में विशेष प्रकार की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. इसमें शून्य से 18 वर्ष के बच्चों में होने वाली खास प्रकार की बीमारी जैसे जन्मजात रोग, विकलांगता सहित देर से होने वाले विकास की पहचान व इलाज की व्यवस्था रहेगी. बच्चों में शुरुआती दौर के स्वास्थ्य मानक की जांच कर बचाव व उपाय किये जायेंगे.

सेंटर संचालन के लिए 12 पद स्वीकृत: डीआइसी सेंटर पर 12 प्रकार के पदों पर नियुक्ति की जा रही है. सेंटर में एक शिशु रोग विशेषज्ञ, मेडिकल ऑफिसर, डेंटिस्ट, सेंटर प्रबंधक, साइको थेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक, ऑटोमेट्रिस्ट, लैब टेक्नीशियन, अर्ली इंटरवेंस्निस्ट, स्पेशल एजुकेटर, दो स्टाफ नर्स व डेंटल टेक्नीशियन कार्यरत रहेंगे.
विशेष स्वास्थ्य सेवाओं का मिलेगा लाभ
डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के स्थापना का उद्देश्य बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य व सुगम इलाज की व्यवस्था करनी है. इसके तहत बच्चों की विकलांगता की पहचान प्रारंभिक उम्र में ही कर ली जायेगी. बीमारी सामने आने पर सेंटर द्वारा उपचार व बचाव के लिए व्यवस्था की जायेगी. ज्ञात हो कि बच्चों में विकलांगता दूर करने के लिए सेंटर की स्थापना की जा रही है. सेंटर के काम करने से भविष्य में होने वाले शारीरिक या मानसिक समस्या की पहचान कर समस्या को दूर करने में सहूलियत होगी. सेंटर में हकलाहट, तुतलाहट, मानसिक रूप से कमजोर बच्चों की पहचान कर इलाज किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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