हड़कंप . सहरसा में मिला मरीज
इस बीमारी में तेज बुखार हो जाता है. इसके बाद धड़ और फिर हाथों व पैरों पर चकता बनने के साथ ही शरीर के विभिन्न जोड़ों में पीड़ा होती है.
सहरसा : जिले में चिकनगुनिया के मरीज मिलने के बाद रोग के जिले में पांव फैलाने की बात सामने आ गयी है. शुक्रवार को दिल्ली से अपने घर बनगांव थाना क्षेत्र के मुरली बसंतपुर निवासी मुकेश चौधरी बुखार की शिकायत लेकर नयाबाजार में डॉ ब्रजेश सिंह के पास पहुंचा. डॉक्टर ने चिकनगुनिया का लक्षण देख उसे जांच कराने की सलाह दी. जांच के बाद परिजनों के पैर तले जमीन खिसक गयी. जांच में लक्षण सही प्रतीत हुआ.
मालूम हो कि इससे पूर्व भी सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल से दो चिकनगुनिया के मरीज सामने आये थे. वहीं दूसरी ओर आमलोगों में चिकनगुनिया के आगमन से डर का माहौल व्याप्त है. चिकित्सक डॉ सिंह ने जांच में चिकनगुनिया की बात की पुष्टि करते कहा कि वह दिल्ली से लौटा था.
क्या है चिकनगुनिया
चिकनगुनिया लंबे समय तक चलने वाला जोड़ों का रोग है. जिसमें जोडों में भारी दर्द होता है तथा इस रोग का उग्र चरण तो मात्र दो से पांच दिन के लिए चलता है. लेकिन जोडों का दर्द महीना व हफ्तों तक तो बना ही रहता है. जानकारी मुताबिक चिकनगुनिया मानव में एडिस मच्छर के काटने से प्रवेश करता है.
यह विषाणु ठीक उसी लक्षण वाली बिमारी पैदा करता है. जिस प्रकार की स्थिति डेंगू रोग में होता है.
इस रोग को शरीर मे आने के बाद दो से चार दिन का समय फैलने में लगता है. रोग के लक्षणों में तेज बुखार, धड़ और फिर हाथों एवं पैरों पर चकता बन जाना शरीर के विभिन्न जोड़ों में पीड़ा होना शामिल है. इसके अलावा सिरदर्द, प्रकाश से भी डर लगना, आंखों में पीड़ा भी होती है. ज्वर आम तौर पर दो से ज्यादा दिन नहीं चलता तथा अचानक समाप्त होता है. लेकिन अन्य लक्षण जिनमें अनिद्रा तथा निर्बलता आम तौर पर पांच से सात दिन तक चलतें हैं. रोगियों को लंबे समय तक जोडों की पीड़ा हो सकती जो उनकी उम्र पर निर्भर करती है.
