आइएमए चुनाव. पूर्व अध्यक्ष ने बताया अनधिकृत
डॉ राकेश कुमार बने आइएमए के सचिव
आठ पदों पर दस डॉक्टरों का हुआ निर्विरोध निर्वाचन
आइएमए का चुनाव समाप्त होने के बाद विवादों में आ गया. पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने इसे अनधिकृत बताया है. शहर में इसकी चर्चा होती रही.
सहरसा : आइएमए सहरसा शाखा के वर्ष 2016-17 के लिए कार्यकारिणी का गठन चिकित्सकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ. हालांकि चुनाव के बाद आइएमए में दो गुट होने की बात का भी प्रमाण मिल गया है. जहां एक गुट ने चुनाव को प्रजातांत्रिक बताया, वहीं दूसरे गुट ने इसे अनधिकृत बताया है. निर्वाची पदाधिकारी डॉ डीपी गुप्ता ने बताया कि अध्यक्ष पद पर डॉ एसपी सिंह, उपाध्यक्ष पद पर डॉ सीएम चौधरी व डॉ पीके मल्लिक,
सचिव पद पर डॉ राकेश कुमार, कोषाध्यक्ष पद पर डॉ मनोज कुमार झा, अंकेक्षक पद पर डॉ आइडी सिंह, कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ राजीव रंजन सिंह एवं डॉ भुवन कुमार सिंह, राज्य कार्यकारिणी के लिए डॉ अमर कुमार अमर, केंद्रीय कार्यकारिणी के लिये डॉ कन्हैया सिंह को निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की गयी. सभी प्रक्रिया निर्वाची पदाधिकारी डॉ डीपी गुप्ता व डॉ एसएन चौधरी की देखरेख में संपन्न हुई.
प्रजातांत्रिक ढंग से हुआ चुनाव
निर्वाची पदाधिकारी ने बताया कि कार्यकारिणी गठन के लिए 22 मई को सचिव द्वारा 28 मई की तिथि निर्धारित की गयी. जिसमें आइएमए के सदस्य के अलावा डेंटल सर्जन को भी बुलाया गया था. वरीय सदस्यों ने विरोध जताते बैठक का बहिष्कार कर दिया था. चार जून को पुन: आमसभा बुलायी गयी थी.
इसमें सभी सदस्यों के एकमत नहीं होने व अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा पुन: नामांकन करने के बाद निर्णय लिया गया कि प्रजातांत्रिक तरीके से मतदान की प्रक्रिया की जाये. 22 जून को नामांकन की तिथि घोषित की गयी थी. निर्धारित तिथि 28 जून तक आठ पदों पर दस लोगों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया गया. जांच के दौरान सभी नामांकन पत्र वैध पाये गये. एक जुलाई को नामांकन वापसी की निर्धारित समय तक किसी ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया. सभी पदों पर एक से अधिक उम्मीदवारों द्वारा आपत्ति नहीं जताने के कारण सभी निर्विरोध निर्वाचित किये गये. उन्होंने कहा कि चुनाव पूरी तरह प्रजातांत्रिक प्रक्रिया के तहत की गयी है.
अनधिकृत है चुनाव : जितेंद्र कुमार सिंह
इस तरह की कोई सूचना नहीं है. यदि ऐसा हुआ है तो यह पूरी तरह अनधिकृत है. उन्होंने कहा कि चुनाव की जहां तक बात है तो वह बीते 28 मई को ही हो गया था. इस चुनाव की जानकारी लेने के बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी.
जितेंद्र कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष, आइएमए, सहरसा
