चौबीस घंटे बाद भी नहीं शुरू हो पाया काम

मंगलवार को डीआरएम ने किया था कटाव स्थल का दौरा हर साल रेलखंड को झेलना पड़ता है कटाव का दंश रेलखंड मे ट्रेनों की स्पीड की गयी कम सिमरी : पिछले कुछ दिनों से नेपाल में हुई बारिश से कोसी के जल स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है और नदी ने कटाव की लीला दिखानी शुरू […]

मंगलवार को डीआरएम ने किया था कटाव स्थल का दौरा

हर साल रेलखंड को झेलना पड़ता है कटाव का दंश
रेलखंड मे ट्रेनों की स्पीड की गयी कम
सिमरी : पिछले कुछ दिनों से नेपाल में हुई बारिश से कोसी के जल स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है और नदी ने कटाव की लीला दिखानी शुरू कर दी है. जबकि अभी सावन और भादो की बारिश बाकी है. ज्ञात हो कि हर साल की तरह इस बार भी इलाके की लाइफ लाइन समझे जाने वाले सहरसा-मानसी रेलखंड के फनगो हॉल्ट के समीप कोसी का कहर शुरू हो चुका है. नदी के जलस्तर में वृद्धि व बचाव कार्य नगण्य होने से रेलवे ट्रैक पर पानी का दबाव बढ़ने की संभावना बढ़ गयी है.
नहीं शुरू हुई बोल्डर क्रेटिंग
मंगलवार को समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम सुधांशु शर्मा ने रेलखंड के फनगो हॉल्ट के निकट स्थित कटाव स्थल सहित पुल संख्या 47 और 44 का निरीक्षण कर बोल्डर क्रेटिंग का निर्देश दिया. लेकिन चौबीस घंटे बाद भी कार्य नहीं शुरू हो पाया है. फनगो और कोपरिया स्टेशनों के बीच कटाव सबसे अधिक और तेजी से हो रहा है. इन दोनों स्टेशनों के बीच कई ऐसे स्थान हैं जहां अब तक ना तो बोल्डर गिराये गये हैं और ना ही कटाव रोकने के कोई अन्य उपाय ही किये जा रहे हैं. नदी का जलस्तर पिछले दस दिनों से लगातार घट-बढ़ रहा है. वहीं अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कटाव बढ़ सकता है. फिलहाल ट्रैक के पश्चिम कुछ दूरी पर कटाव हो रहा है. इधर पटरी के निकट निचले स्तर किए गये बोल्डर क्रेट पर भी कहीं-कहीं पानी चढ़ने लगा है. हालांकि रेलवे के अधिकारी इसे कोसी की सामान्य लीला मान कहते हैं कि ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है. रेलवे पूरी तरह नजर बनाये हुए है. रेलगाड़ियों के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जायेगा. वहीं आसपास के ग्रामीण बताते हैं कि युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शीघ्र शुरू नहीं किया गया तो कोसी इलाके का रेल संपर्क राजधानी से पूरी तरह से कट जायेगा. इसी महीने की 25 तारीख से रेलवे द्वारा 20 किमी/घंटा स्पीड का कॉशन जारी कर दिया गया. लेकिन हर वर्ष की भांति इस साल भी इस कटाव का स्थानीय समाधान निकालने के बजाय त्वरित उपाय खोजने मे रेलवे व्यस्त है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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