सहरसा-पूर्णिया रूट पर बसों की कमी
सहरसा-पूर्णिया रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन शुरू होने के बाद बस से यात्रा करनेवालों की संख्या में कमी हुई है.
सहरसा सिटी : सहरसा-पूर्णिया रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन शुरू होने से बस परिचालन पर काफी असर पड़ा है. पहले यात्रियों से भरी रहने वाली बस अब खाली-खाली पूर्णिया जा रही है.
सबसे ज्यादा असर सहरसा व मधेपुरा से पूर्णिया के लिए खुलने वाली बसों पर पड़ा है. इसके इतर सुपौल से खुलने वाली बसों पर इन दो जिलों से कम असर पड़ा है. वाहन मालिकों ने कहा कि रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन स्वागत योग्य है. लेकिन समय सारिणी में बस मालिकों के व्यवसाय को भी ध्यान रखना चाहिए था. मालिकों ने कहा कि इसके बाद पटना के लिए रात्रि कालीन ट्रेन चलने से भी बस मालिकों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ेगा.
बस परिचालन प्रभावित
सहरसा-पूर्णिया व सहरसा-पटना के बीच रात्रि कालीन ट्रेन के परिचालन से बस परिचालन प्रभावित होगा. जानकारी के अनुसार सहरसा-पूर्णिया पर 50 से ज्यादा व सहरसा-पटना रूट पर दर्जनों बस चलती हैं. दोनों रूट पर ट्रेन के परिचालन से बसों की संख्या में आधे से अधिक की कमी होगी. जो अन्य रूट में चलने को विवश होंगे. जो इनके लिए काफी नुकसानदेह होगा.
नयी परमिट नहीं हो जारी
बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर सिंह व बस मालिक मनोज मिश्र ने बताया कि ट्रेन के समय के इर्द-गिर्द खुलने वाली बस खाली जा रही है. जबकि अन्य बसों की भी आधे से अधिक सीट खाली रह जाती है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में दर्जनों बस का परिचालन होता है. जिसके समक्ष आर्थिक व मानसिक समस्या उत्पन्न हो रही है. उन्होंने जिला प्रशासन से दोनों रूट पर नयी बसों को परमिट नहीं देने की मांग कि ताकि इस व्यवसाय से जुड़े लोगों पर विशेष प्रभाव नहीं पड़े.
सहरसा-पूर्णिया रेलखंड पर ट्रेन दौड़ने के बाद बस परिचालन पर पड़ा असर
वाहन मालिकों ने प्रशासन से नयी परमिट नहीं देने व ऑटो रिक्शा पर रोक लगाने की रखी मांग
ट्रेन में बस से एक तिहाई कम है किराया
आरामदायक सफर व किराया कम होने के कारण यात्रियों का झुकाव ट्रेन पर ज्यादा है. सहरसा-पूणिया रेलखंड पर चलने वाली तीनों पैसेंजर ट्रेन में यात्रियों की अच्छी भीड़ देखी जा रही है.
