आ रहा है मॉनसून, घर से निकलने की कर लें तैयारी

लापरवाही. मॉनसून में डूबा-डूबा नजर आता है पूरा शहर सहरसा सदर : इस साल राज्य में मॉनसून की अच्छी संभावना से जहां किसान खुश नजर आ रहे हैं. वहीं शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग मॉनसून की दस्तक देने के साथ ही होने वाली परेशानियों से सहमे नजर आने लगे हैं. शहर में जल निकासी […]

लापरवाही. मॉनसून में डूबा-डूबा नजर आता है पूरा शहर

सहरसा सदर : इस साल राज्य में मॉनसून की अच्छी संभावना से जहां किसान खुश नजर आ रहे हैं. वहीं शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग मॉनसून की दस्तक देने के साथ ही होने वाली परेशानियों से सहमे नजर आने लगे हैं. शहर में जल निकासी नहीं रहने से थोड़ी सी बारिश होते ही हर गली, हर मुहल्ला जल जमाव के कारण लोगों का जीवन नर्क के समान हो जाता है. जल-जमाव के कारण कई मुहल्ले में घरों से बाहर निकलना लोगों के लिए समस्या बन जाती है. एक दिन की बारिश से ही शहर की मुख्य सड़क से लेकर गली, मुहल्ले की सड़कों पर बरसात की पानी का जमावड़ा हो जाता है. बरसात आते ही शहर के लोग वर्षा के नाम से सहम उठते हैं.
बाढ़ सा दिखता है नजारा
मानूसन के दिनों में एक- दो घंटे की लगातार बारिश होते ही शहर की सड़कों पर पानी-पानी नजर आने लगता है. सड़क पर वर्षा का पानी जमा होने के कारण बाढ़ सा नजारा दिखने लगता है. शहर के मुख्य सड़क पंचवटी चौक से लेकर गंगजला चौक तक कुछ ही घंटों की बारिश से यह सड़क पूर्णत: पानी में डूब जाती है. वही हाल शहर के थाना चौक से लेकर शंकर चौक तक का है. लगातार बारिश के कारण उन सड़कों पर भी पानी का जमावड़ा हो जाता है.
जबकि एनएच 107 रिफ्यूजी कॉलोनी से लेकर महावीर चौक, पूरब बाजार, हटियागाछी की सड़क की भी बरसात के दिनों में कमोबेश यही हालात नजर आती है. शहर में यदि लगातार 24 घंटे बारिश होती रही तो शहर के मुख्य नयाबाजार, बटराहा, हटियागाछी, गंगजला, गौतमनगर, शिवपूरी सहित कई मुहल्ले के सड़क पूर्णत: जलमग्न हो जायेगी. बिना बाढ़ के ही इन मुहल्लों में बाढ़ सा नजारा दिखने लगता है. कई मुहल्ले में तो आने-जाने के लिए लोगों को वैकल्पिक नाव की व्यवस्था भी करनी पड़ती है.
सड़कों पर रहता है पानी
बारिश में आती है डीपीआर बनाने की याद
जल निकासी की समस्या को लेकर बेखबर बने नगर परिषद को हर वर्ष मॉनसून आने के बाद जल निकासी के लिए ड्रेनेज निर्माण की याद आती है. कई वर्षो से जल निकासी के लिए डीपीआर बनाने की बात की जाती रही है. फिर इस वर्ष मॉनसून आने के बाद नगर परिषद द्वारा डीपीआर बनाने की चर्चा जोरों पर चल रहा है.
वर्षा समाप्त होते ही नाला निर्माण व डीपीआर का काम खटाई बस्ते में चला जाता है. जल निकासी को लेकर डीपीआर तैयार कर नाला निर्माण की बात इस वर्ष भी किया गया. लेकिन मॉनसून की आहट अब दस्तक देने को है. लेकिन नाला निर्माण का काम इस वर्ष भी शुरू नही किया गया है. यदि इस साल अच्छी बारिश हुई तो पूरा शहर इस बार जलमग्न होने वाला है.
एक दिन की बारिश से कई इलाके में बाढ़ जैसी आ जायेगी नौबत
नहीं किया गया है नाले का निर्माण
हर साल होती है चर्चा, नहीं होता है काम
इस बार भी नहीं हुई नाले की उड़ाही
घर घुसता है नाले का पानी

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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