बारिश न बूंदाबांदी, सड़कों पर पानी

स्थायी समस्या. गंगजला व गांधी पथ में सड़क पर अोवरफ्लो हो रहा नाला सहरसा नगर परिषद पर किसी को जोर नहीं है. 15 मई तक नाला उड़ाही करने के निर्देश को एक महीने पूरे हो गये. उड़ाही काम शुरू भी नहीं किया जा सका. बाद की बैठक में चार जून का समय दिया. वह भी […]

स्थायी समस्या. गंगजला व गांधी पथ में सड़क पर अोवरफ्लो हो रहा नाला

सहरसा नगर परिषद पर किसी को जोर नहीं है. 15 मई तक नाला उड़ाही करने के निर्देश को एक महीने पूरे हो गये. उड़ाही काम शुरू भी नहीं किया जा सका. बाद की बैठक में चार जून का समय दिया. वह भी बीत गया.
सहरसा मुख्यालय : सहरसा नगर परिषद पर किसी को जोर नहीं चलता है. 15 मई तक नाला उड़ाही करने के निर्देश को एक महीने पूरे हो गये. उड़ाही काम शुरू भी नहीं किया जा सका. इधर बीते 28 मई को सांसद व विधायक की मौजूदगी में योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई. जिसमें स्थानीय विधायक ने एक सप्ताह यानी चार जून तक शहर के सभी नालों की सफाई करने का निर्देश दिया. लेकिन उस डेडलाइन के गुजरे भी दस दिन बीत गये. नालों की उड़ाही का काम शुरू नहीं हुआ.
मॉनसून से पहले बिगड़ी सूरत
अभी न बारिश शुरू हुई है और न ही प्री मॉनसून की बूंदाबांदी ही हुई है. लेकिन शहर की प्रमुख सहित गली-मुहल्ले की सड़कें भीगी-भीगी नजर आने लगी है. दरअसल शहर में बनी सभी नालों की दशा अत्यंत खराब है. कचरे व गाद से भरे होने के कारण वह पानी को आगे बढ़ाने में पूरी तरह अक्षम है. स्थिति यह है कि शहर की कोई ऐसी सड़क बची हुई नहीं है. जिस पर नाले का पानी ओवरफ्लो होकर नहीं बह रहा है. उन सड़कों में भी गंगजला व गांधी पथ की सड़कों पर 24 घंटे ओवरफ्लो होता रहता है. नप के अधिकारी, कर्मचारी व पार्षद इन दोनों सड़कों से दिन-रात गुजरते हैं.
लेकिन इनमें से कोई भी नालों की सफाई करने की जरूरत नहीं समझते हैं. अभी मॉनसून बरसा भी नहीं और शहर की सूरत बिगड़ चुकी है. आने वाले समय में शहर के डूबने की पूरी संभावना बनती दिख रही है. पूछने पर अधिकारी कहते हैं कि उपलब्ध संसाधन से क्रमवार रूप से नालों की सफाई करायी जा रही है.
नहीं की गयी है नाले की उड़ाही
24 घंटे बना रहता है प्रवाह
वार्ड नंबर आठ स्थित गांधी पथ में नाला जहां से शुरू होता है. बदहाली भी वहीं से शुरू हो जाती है. अनिरूद्ध गुप्ता के घर के पास से नाले का बहाव उत्तर से दक्षिण की ओर है. लेकिन बहाव उल्टा यानी दक्षिण से उत्तर की ओर हो रहा है. इसके अलावे महादलित टोले का पानी भी नाले में जाने के बजाय सीधा सड़कों पर बह रहा है.
यहां पानी का फ्लो इतना तेज है कि गंदा पानी एक ओर से वापस महादलित बस्ती में जमा हो रहा है तो दूसरी ओर भी सड़क के किनारे तालाब का रूप ले लिया है. गंदे पानी के बने इस तालाब से वहां रहने वाले व दुकानदारी करने वालों को भारी परेशानी हो रही है.
गांधी पथ का यह प्वाईंट इसलिए भी अति महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां कई डॉक्टरों के क्लिनिक, नर्सिंग होम के अलावे कई स्कूल व कोचिंग संस्थान भी है. जहां मरीज, परिजन सहित छात्र-छात्राओं का आना जाना लगा रहता है.

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