समाहरणालय का सोलर सिस्टम बेकार

बिजली विभाग के भरोसे ही है समाहरणालय की व्यवस्था सहरसा शहर : ब्रेडा के तहत समाहरणालय में लगे 25 किलोवाट का सोलर प्लेट बेकार साबित हो रहा है. लाखों रुपये खर्च के बाद भी समाहरणालय परिसर विद्युत विभाग के सहारे ही रहने को विवश है. बिहार रेन्यूएबुल इनर्जी डवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) द्वारा मुख्यमंत्री नवीन एवं […]

बिजली विभाग के भरोसे ही है समाहरणालय की व्यवस्था

सहरसा शहर : ब्रेडा के तहत समाहरणालय में लगे 25 किलोवाट का सोलर प्लेट बेकार साबित हो रहा है. लाखों रुपये खर्च के बाद भी समाहरणालय परिसर विद्युत विभाग के सहारे ही रहने को विवश है. बिहार रेन्यूएबुल इनर्जी डवलपमेंट एजेंसी (ब्रेडा) द्वारा मुख्यमंत्री नवीन एवं नवीकरण योजना के तहत इसे समाहरणालय परिसर में 26 जनवरी 2016 को लगाया गया था. जिस समय इस योजना पर कार्य किया जा रहा था तो कहा गया
26 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम से 24 घंटे समाहरणालय परिसर रोशन रहेगा. लेकिन दुर्भाग्यवश, यह सिस्टम आज तक किसी काम का साबित नहीं हो सका. आज भी पूरा समाहरणालय परिसर बिजली विभाग द्वारा दिये जा रहे सप्लाई के भरोसे ही काम कर रहा है.
पटना में रहते हैं टेक्नीशियन
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, लगभग 15 लाख की लागत से समाहरणालय में सोलर सिस्टम लगाया गया. लेकिन इसके राख रखाव की कोई समुचित व्यवस्था तक नही की गयी. इसके टेक्नेशियन के यहां नहीं रहने के कारण लाखों रुपये से लगा यह सोलर सिस्टम बेकार साबित हो रहा है. जबकि ब्रेडा के विकास भवन कार्यालय में दो टेक्नेशियन अर्जुन प्रसाद एवं राकेश शर्मा कार्यरत है. लेकिन वे इस योजना से स्वयं को अलग बताते कहते हैं
कि ग्रामीण क्षेत्रों से सोलर सिस्टम लगाने वाली योजनाओं के लिए उन्हें निर्देश दिया गया है. पूछने पर उन्होंने बताया कि महिषी सौरबाजार व नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत गांवों में कार्य चल रहा है. जिसके रख-रखाव की जिम्मेवारी उन्हें मिली है. उन्होंने बताया कि समाहरणालय में जो सिस्टम है. उसका रख-रखाव करने वाले पटना में है. ऐसे में यह सिस्टम कितना सफल कार्य कर सकता है ये समझा जा सकता है.

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