गरमी. सड़कें सुनसान, वाहनों की आवाजाही घटी, बिजली दे रही दग
थोड़ी-सी बारिश के बाद एक बार फिर गरमी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. उस पर बिजली नहीं रहने से लोग परेशान हैं.
सहरसा नगर : पिछले दो दिनों से सहरसा सहित पूरे कोसी क्षेत्र में भीषण गरमी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है. प्रमंडल के सभी तीन जिले लू की चपेट में है. सबसे अधिक गरमी सहरसा जिले के तटबंध वाले इलाके में पड़ रही है. पिछले दो दिनों से जिले में तापमान का पारा 36 डिग्री सेल्सियस को पार गया है.
भारी गरमी की वजह से अस्पताल में बीमार लोगों की भीड़ लग गयी है.
पशुअों को भी परेशानी : गरमी की वजह से पशु व मवेशी को पेयजल की किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है. गरमी की वजह से कुएं और तालाब आदि सूख गये हैं. शहर की सड़कें सुनसान दिखी. वाहनों की आवाजाही भी कम हो रही है. बाजार में भी भीड़-भाड़ कम है. मतगणना की वजह से कुछेक पंचायत के लोग ही शहर का रुख कर रहे हैं. गरमी के मौसम में बिजली की आंख मिचौली ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है.
शहरी क्षेत्र में रोजाना चार से पांच घंटे की बिजली कटौती हो रही है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 15 घंटे तक बिजली की कटौती की जा रही है. कहरा प्रखंड के बनगांव में इन दिनों चार से पांच घंटे ही बिजली आपूर्ति देने से लोगों में आक्रोश है. गांव के लोगों ने बताया कि बिजली आती भी है तो लो वोल्टेज की समस्या बरकरार रहती है.
प्यास मिटाने की कोशिश: गरमी के उमस से परेशान लोग सड़कों पर निकलते ही प्यास मिटाने के लिए सड़क किनारे बिकने वाली शिकंजी व मेंगो शेक का सेवन जम कर कर रहे है. हालांकि इन पेय पदार्थों के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ रहा है. इसके बावजूद लोग मौसमी तपिश के सामने बेबस लग रहे हैं. गांव से लेकर शहर के बाजार तक इन दिनों को ठंडा पेय पदार्थ की बिक्री भी खूब हो रही है.
कामकाजी लोगों को परेशानी: गरमी के बढ़ते प्रकोप का असर स्कूली बच्चों के अलावा कामकाजी लोगों पर ज्यादा हो रहा है. सुबह आठ बजते बजते सड़कों पर धूप का तांडव दिखने को मिलने लगता है. फुटपाथी दुकानदारों को भगवान भास्कर से सीधे चुनौती मिल रही है. घर की छतों पर लगा वाटर टैंक देर रात तक गरम रहता है.
