भीड़ हजारों की, व्यवस्था नाकाफी

सदर अस्पताल : सीमांचल के सबसे बड़े अस्पताल में रोिगयों को होती है असुविधा बारिश व गरमी के कारण सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ में लगातार वृद्धि हो रही है. भीड़ के आगे तमाम व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. भीड़ को कम करने में अस्पताल प्रशासन के पास न तो संसाधन […]

सदर अस्पताल : सीमांचल के सबसे बड़े अस्पताल में रोिगयों को होती है असुविधा

बारिश व गरमी के कारण सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ में लगातार वृद्धि हो रही है. भीड़ के आगे तमाम व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है. भीड़ को कम करने में अस्पताल प्रशासन के पास न तो संसाधन है और न हीं दिलचस्पी.
सदर अस्पताल में होती धक्का-मुक्की िजसकी लाठी उसकी भैंस जैसी हालत
भागम-भाग एवं धक्का-मुक्की के बीच’ सदर अस्पताल में जिसकी लाठी, उसकी भैंस ‘ की कहावत चरितार्थ होती है. अधिक ताकत वाला व्यक्ति बाजी मार जाता है और कमजोर लोग कतार में ही पिस कर रह जाते हैं. इस कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है. रफ्तार पकड़ रही गरमी के बीच सदर अस्पताल के ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही है.
यहां रोजाना औसतन 01 हजार से अधिक मरीज जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचते हैं. स्थानीय मरीज तो सवेरे ही अस्पताल पहुंच कर निबंधन के कतार में खड़े हो जाते हैं. लिहाजा उनके लिए इलाज कराना काफी आसान होता है,लेकिन दूर दराज से आने वाले मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है.
बोलीं उपाधीक्षक
उपलब्ध संसाधनों का यथा संभव प्रयोग किया जा रहा है. संसाधन के अभाव में ही दवा वितरण काउंटर का विस्तार नहीं हो रहा है.
डॉ सुशीला दास,अस्पताल उपाधीक्षक,पूर्णिया

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