जर्जर है मुख्य सड़क, रात के अंधेरे में होती है परेशानी
सहरसा : बरियाही मुख्य मार्ग कई जगह खराबवाहन चालकों को होती है दिक्कतशहर के चांदनी चौक से गुजरना मुश्किलसहरसा नगर चुनाव के बाद निजाम बदला, जनप्रतिनिधि बदल गये, इसके बावजूद शहर से लेकर गांव तक की सड़कों की बदहाली नहीं बदल सकी. नतीजतन लोग जर्जर सड़क पर धूल फांकने को विवश है.
शहरी क्षेत्र से अति प्रसिद्ध उग्रतारा शक्तिपीठ महिषी, संत लक्ष्मीनाथ कुटी बनगांव, कारु खिरहरी स्थान महपुरा व सूर्य मंदिर कंदाहा सहित सुपौल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क रहुआमणी, रिफ्यूजी कॉलोनी, मीर टोला, बरियाही के समीप जर्जर हो चुकी है. इसके अलावा शहर के स्टेशन रोड की हालत भी दयनीय हो गयी है. रास्ते में सिफ र् गड्डे ही नजर आते हैं.
चलती है गाड़ी, उड़ती है धूलसहरसा से बरियाही तक के रास्ते में जर्जर सड़क के उपर उग्रतारा महोत्सव से पूर्व डस्ट व मिट्टी से फिलिंग का कार्य करवाया गया था. जो राहगीरों के लिए जी का जंजाल बन चुका है. स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहनों के गुजरने के समय सिर्फ धूल उड़ते रहते हैं. जिससे काफी परेशानी होती है.
ज्ञात हो कि उक्त सभी जगहों पर वर्षो से सड़क की हालत सुधर नहीं सकी है. गड्डे वाली सड़क से जाओगेशहर के पश्चिमी क्षेत्र के लोगों के लिए सहरसा जंक्शन जाने के लिए स्टेशन रोड ही एकमात्र रास्ता है. ज्ञात हो कि जिले के सबसे खराब व जर्जर सड़क के रुप में स्टेशन रोड की गिनती होने लगी है.
इधर स्थानीय जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन सड़क निर्माण में कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है. रात के अंधेरे में होने वाली वाहन दुर्घटना की वजह से रिक्शा चालक भी इस तरफ आने से कतराते है.
दिलचस्पी ले जनप्रतिनिधिस्थानीय निवासी राजू, सुमित, कुंदन, दिलीप, ललन बताते है कि स्थानीय विधायक व सांसद को भी जनता की समस्याओं के प्रति जागरुक होना चाहिए. इनलोगों के द्वारा कभी भी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है. लोगों ने कहा कि सड़क का निर्माण नगर परिषद भी करवाती है, लेकिन उदासीन बनी हुई है.
