पदाधिकारी गायब, तोड़ा ताला

सहरसा : सिटीसदर थाना क्षेत्र के कोसी चौक स्थित सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ एसएन चौधरी के कमरे में किराये पर रह रहे पूर्व सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारी मुख्यालय मो रियाजउद्दीन अहमद के दो वर्षों से लगातार गायब रहने पर मंगलवार को दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के समक्ष ताला तोड़ा गया. दंडाधिकारी सह सदर सीओ अनिल कुमार […]

सहरसा : सिटीसदर थाना क्षेत्र के कोसी चौक स्थित सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ एसएन चौधरी के कमरे में किराये पर रह रहे पूर्व सहायक बंदोबस्ती पदाधिकारी मुख्यालय मो रियाजउद्दीन अहमद के दो वर्षों से लगातार गायब रहने पर मंगलवार को दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के समक्ष ताला तोड़ा गया.

दंडाधिकारी सह सदर सीओ अनिल कुमार सिंह व सदर थाना के सअनि सुरेंद्र यादव ने बताया कि मकान मालिक ने समाहर्ता सह बंदोबस्त पदाधिकारी को आवेदन देकर तत्कालीन सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के द्वारा लगभग दो साल से मकान में ताला बंद कर गायब रहने की बात कही थी. जिसके बाद सदर अनुमंडलाधिकारी ने पत्र जारी कर ताला खुलवाने का निर्देश दिया था. ताला खोलने व सामानों की वीडियोग्राफी करायी गयी है.

सदर अंचलाधिकारी ने बताया कि कागजात व सामानों की जब्ती सूची बनायी गयी है. खास कर कुछ सरकारी कागजात की छायाप्रति, बिछावन, स्कूटर, बरतन को जब्त कर लिया गया है. वरीय अधिकारी के के निर्देश पर इसे जमा कर दिया जायेगा. मालूम हो कि वह वर्ष 2001 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं. पूर्व के आदेश निरस्त भू-अभिलेख एवं परिमाप बिहार पटना के निदेशक दयाशंकर पांडेय ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी को पत्र भेज विभागीय अधिसूचना द्वारा सहरसा कार्यालय को बंद होने का अनुपालन करने का निर्देश दिया था.

वहीं बंदोबस्त पदाधिकारी एवं प्रभारी पदाधिकारी की सेवा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा वापस करने की बात कही. पत्र में सभी निष्पादित अभिलेखों को जिला अभिलेखागार में जमा करने, लंबित अभिलेखों को जिला अभिलेखागार में जमा करने, लंबित अभिलेखों की सूची तैयार कर अविलंब समाहर्ता को उपलब्ध कराने, अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायालय कार्य नहीं करने, यदि किया गया तो उसे अवैधानिक बताया.

वहीं कुछ लोगों द्वारा कार्यालय से अभिलेख निकालकर उसमें पिछले तिथि में आदेश पारित किया जाता है. ऐसी घटना न हो, इसके लिए भू-अभिलेख की तरमीम की कार्रवाई बंद करने का निर्देश दिया था.

जानकारी के अनुसार, बंदोबस्त कार्यालय का कुछ अभिलेख पुरानी जेल में है. जिसमें पुलिस द्वारा छापेमारी कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. संभावना जतायी जा रही है कि कुछ अभिलेख में छेड़छाड़ किया गया है. हालांकि यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा.

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