नगर परिषद या हमारे पार्षद : दोषी कौन? नालों की सफाई पर कोई नहीं हो रहा गंभीरपनप रहा है मच्छर, फैल रही बीमारीप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालय40 वार्डों के इस शहर में बमुश्किल 12 से 15 फीसदी वार्डों में सरकारी नाले बने हैं. शहरी क्षेत्र की कुल जनसंख्या के 10 से 12 फीसदी लोगों को ही जल निकासी के लिए नाले की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यहां भी नालों की दुर्गति देख इसे किसी भी कोण से सुविधा तो कहा ही नहीं जा सकता. स्थिति यह है कि नगर परिषद क्षेत्र के किसी नाले की दशा ठीक नहीं है. पानी बहाव में कोई भी नाला सक्षम नहीं है. सभी गाद व कचरों से भरे हुए हैं. कई जगह तो स्थिति यह है कि नालों का जमा पानी वापस घरों में जा रहा है, तो कई जगह नाले के फैले पानी के कारण दरवाजों को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है. इस कुव्यवस्था के लिए नगर परिषद जिम्मेवार है या पार्षद यह जनता को तय करना है. सब धन बाइस पसेरीमच्छर से परेशान पूरा शहर है. सिर्फ शाम या रात ही नहीं, अब दिन में भी उसी अनुपात में मच्छर भनभनाते व काटते हैं. लोग परेशान रहते हैं, लेकिन इसके निराकरण की कोई नहीं सोचता. मध्य विद्यालय की किताबों में ही पढ़ाया जा है कि जलजमाव से मच्छर पनपते हैं. नालों को ढ़क कर रखना चाहिए. कहीं जल-जमाव हो तो उस पर केरोसिन या फिनाइल डालना चाहिए, लेकिन अधिकारी या जनप्रतिनिधि बनने के बाद उस पाठ को सभी भूल जाते हैं. परिषद व पार्षद दोनों अपने कर्तव्य से विमुख हो जाते हैं. नप के सभापति, उपसभापति हों या अन्य कोई पार्षद, सबों के वार्ड की यही दशा है. यहां केरोसिन या फिनाइल डालने की बात तो दूर, कोई नाले में जमा पानी का बहाव ढंग से हो, इसको लेकर भी पहल नहीं करता है. लिहाजा मच्छरों के पनपने और बीमारियों के फैलने का सिलसिला चलता रहता है. आम नागरिक बीमार होकर डॉक्टर व केमिस्ट को नजराना देते रह जाते हैं. फोटो- नाला 1- वार्ड नंबर 22 में अवरुद्ध नाले के कारण बंद दरवाजाफोटो- नाला 2- वार्ड नंबर 22 में दुकान में चढ़ जाता है नाले का पानी फोटो- नाला 3- वार्ड नंबर 22 में मसोमात पोखर के पास सड़क पर फैलता नाले का पानीफोटो- नाला 4- वार्ड नंबर सात में मुहल्ले में लौटता नाले का पानी फोटो- नाला 5- वार्ड नंबर आठ में नाले के कारण बंद किया दरवाजा
नगर परिषद या हमारे पार्षद : दोषी कौन?
नगर परिषद या हमारे पार्षद : दोषी कौन? नालों की सफाई पर कोई नहीं हो रहा गंभीरपनप रहा है मच्छर, फैल रही बीमारीप्रतिनिधि, सहरसा मुख्यालय40 वार्डों के इस शहर में बमुश्किल 12 से 15 फीसदी वार्डों में सरकारी नाले बने हैं. शहरी क्षेत्र की कुल जनसंख्या के 10 से 12 फीसदी लोगों को ही जल […]
