डीबी रोड के नालों की क्यों नहीं होती सफाई ? कहीं जाम, कहीं सूखा, तो कहीं ओवरफ्लो वाली है स्थितिसहरसा मुख्यालयकहते हैं डीबी रोड प्रमंडलीय मुख्यालय का सबसे प्रमुख व्यावसायिक बाजार है. बाजार के साथ-साथ डीबी रोड आवासीय कॉलोनियों से भी भरी है. कुछ अच्छे होटलों के होने के कारण यहां सरकारी से लेकर गैर सरकारी बड़े लोगों का आना लगा रहता है. लेकिन यहां के भी नालों की स्थिति अच्छी नहीं है. कहीं जाम, कहीं सूखा तो कहीं आवरफ्लो वाली स्थिति है. नालों पर लगे ढ़क्कनों को तो कभी हटाया गया लगता ही नहीं है. ये ढक्कन भी टूटे-फूटे हैं. जिससे दुकानों में जाने के क्रम में लोगों के पैर फंसना, कपड़े गंदे होना और उनका गिर कर दुर्घटनाग्रस्त होना लगा रहता है. बावजूद नप के अधिकारी, कर्मचारी और पार्षद का संवेदनहीन बने रहना समझ से परे मालूम होता है. बंगाली बाजार बना नरक डीबी रोड के दक्षिणी छोर पर शहर का हृदय स्थल शंकर चौक है. यहां से पूरब जाने वाली सड़क बंगाली बाजार होकर गुजरती है. श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी गेट से शुरू हुए नाले की दुर्दशा वहीं से दिखनी शुरू हो जाती है. जो अंत तक काफी दयनीय स्थिति में ही दिखती चली जाती है. कूड़े-कचरों से अटे नालों में पानी बहने की कोई जगह ही नहीं दिखती है. उन भरे नालों के ढक्कन भी जर्जर हैं व अंदर से सरांध मारते रहते हैं. फोटो- नाला 4- डीबी रोड में पूनम स्टोर के आगे खुला व कचरों से भरा नालाफोटो- नाला 5- डॉ एके चौधरी के क्लिनिक के आगे नाले की दुर्दशाफोटो- नाला 6- डीबी रोड में दारू दुकान के आगे नाले की दशाफोटो- नाला 7- ठाकुरबाड़ी के सामने बंगाली बाजार जाने वाले नाले का मुहाना
डीबी रोड के नालों की क्यों नहीं होती सफाई ?
डीबी रोड के नालों की क्यों नहीं होती सफाई ? कहीं जाम, कहीं सूखा, तो कहीं ओवरफ्लो वाली है स्थितिसहरसा मुख्यालयकहते हैं डीबी रोड प्रमंडलीय मुख्यालय का सबसे प्रमुख व्यावसायिक बाजार है. बाजार के साथ-साथ डीबी रोड आवासीय कॉलोनियों से भी भरी है. कुछ अच्छे होटलों के होने के कारण यहां सरकारी से लेकर गैर […]
