घाट का रंग-रोगन शुरू, साफ -सफाई नदारद

घाट का रंग-रोगन शुरू, साफ -सफाई नदारद कब जगेगा नगर परिषद, हो रही चर्चासतपोखरा के बड़े तालाब में नहीं चला जाल, छोटे में भरा है जंगल सहरसा मुख्यालयहिंदुओं के आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ रविवार से शुरू हो रहा है, लेकिन घाटों की सफाई अब तक नहीं हो सकी है. व्रती परिवार के लोग […]

घाट का रंग-रोगन शुरू, साफ -सफाई नदारद कब जगेगा नगर परिषद, हो रही चर्चासतपोखरा के बड़े तालाब में नहीं चला जाल, छोटे में भरा है जंगल सहरसा मुख्यालयहिंदुओं के आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ रविवार से शुरू हो रहा है, लेकिन घाटों की सफाई अब तक नहीं हो सकी है. व्रती परिवार के लोग घाट आते हैं और पोखरों की दुर्दशा देख प्रशासन व स्थानीय निकाय को कोस कर चले जाते हैं. शनिवार को सतपोखरा के पक्की तालाब में रंग-रोगन का काम करने आये युवकों ने भरे मन से घाट को रंगना शुरू किया. कहा कि छठ पर्व को बिहार के प्रोमो में शामिल किया गया है. देश-दुनियां में यह त्योहार राज्य की पहचान है, लेकिन ऐसा लगता है कि यहां के जनप्रतिनिधि व प्रशासन को लोगों की आस्था से कोई मतलब नहीं रह गया है. छठ में भाग लेने लोग देश के कोने-कोने से अपने घर आते हैं, लेकिन यहां सक्षम इकाई को त्योहार की महिमा, सहयोग की भावना से कोई सरोकार नहीं है. इसी सतपोखरा के अन्य कच्चे तालाबों में भी अब तक वैसे ही कचरा व गंदगी पड़ा हुआ है. पोखर में पानी का दरश नहीं है. ऐसे घाटों पर नप द्वारा पानी की व्यवस्था किये जाने की उम्मीद लिए लोग कुदाल उठा सीढ़ियां बनाने में जुटे हुए हैं. उतरने की नहीं होती हिम्मतसतपोखरा के पक्की घाट में गंदगी का आलम यह है कि व्रती परिवार के लोगों को सफाई के लिए इसमें उतरने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं. सीढ़ियों पर से ही पानी में जमी हरी-हरी कायी, तरह-तरह के सांप-कीड़े तैरते दिख जाते हैं. इसके अलावे तालाब में जलीय व जंगली पौधे भरे-पड़े हैं. पानी भी इतना गंदा है कि पैर डालने के साथ काटना व नोचना शुरू हो जाता है. सीढ़ियां भी जहां-तहां टूटी हुई हैं. प्रशासन ने समय रहते इसकी भी मरम्मत नहीं करायी. व्रती के पानी में उतरने से पहले तालाबों में चूना व ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव करना होगा. फोटो- छठ 4- सतपोखरा पर अपना घाट रंगता युवकफोटो- छठ 5 व 6- मिट्टी के पोखर पर सीढ़ियां बनाते लोग40 परिवारों के लिए बनाया अस्थायी तालाबसहरसा मुख्यालयछठ घाटों पर अत्यधिक भीड़ होने व प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलने से परेशान दास टोला के लोगों ने सुपर मार्केट के पास सरकारी बस स्टैंड के आगे अस्थायी तालाब बनवाया है. जय छठ मइया सार्वजनिक छठ पूजा समिति के व्यवस्थापक राजू ने बताया कि यहां यह व्यवस्था चार वर्षों से की जा रही है. आपसी सहयोग से तालाब बनवा दास टोला सहित आसपास के इलाकों के लगभग चालीस परिवार यहां पूजा करते हैं. राजू ने बताया कि यहां पूजा करने वाले सभी लोग पहले सुपर मार्केट के तरणताल में ही जाते थे. धीरे-धीरे वहां भीड़ बढ़ती गयी. तीन-चार वर्षों से जगह भी कम मिलने लगी. सीढ़ियां टूट जाने के कारण वहां पूजा पर प्रतिबंध लगा दिये जाने से उनकी परेशानी बढ़ गयी. मुहल्ले के सभी लोगों ने निर्णय लेकर पास में ही तालाब खुदवा पूजा करते हैं और महापर्व के अंतिम दिन शाम में इस तालाब को पुन: बंद करवा देते हैं. फोटो-छठ 7- छठ पूजा के लिए बनाया जा रहा अस्थायी तालाब

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