बाहरी खाने से करें परहेज, पड़ सकता है महंगा

बाहरी खाने से करें परहेज, पड़ सकता है महंगा लोगों के स्वास्थ्य की प्रशासन को नहीं है परवाहअब तक शुरू नहीं की गयी दुकानों के खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांचप्रभात अभियान सहरसा : सिटीप्रशासनिक लापरवाही के कारण शहर के विभिन्न भागों में खुले होटलों में हजारों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो […]

बाहरी खाने से करें परहेज, पड़ सकता है महंगा लोगों के स्वास्थ्य की प्रशासन को नहीं है परवाहअब तक शुरू नहीं की गयी दुकानों के खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांचप्रभात अभियान

सहरसा : सिटीप्रशासनिक लापरवाही के कारण शहर के विभिन्न भागों में खुले होटलों में हजारों लोगों के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है. अधिकारियों के चुप्पी का फायदा होटल संचालक खूब उठा रहे हैं. वहीं ग्राहकों को पैसा खर्च करने के साथ-साथ बीमारी भी उपहार में मिल रहे हैं.

बंगाली बाजार स्थित एक होटल के सामने सड़क किनारे मछली तली जा रही थी और अंदर में कुछ लोग खाना खा रहे थे. पूछने पर बताया कि यहां तो ग्राहकों की संतुष्टि के लिए मछली तैयार की जा रही है. रसोईघर अंदर में है. संचालक के आत्मविश्वास को देख ऐसा लगा कि शायद इसके रसोईघर की हालात बेहतर होगी, लेकिन बदतर थी.

कमोवेश यही स्थिति बस स्टैंड सहित अन्य इलाके में खुले होटलों की है. बरतन देख उड़ जायेंगे होश होटल के रसोईघर में प्रवेश करते ही आंख में धुंआ व पैर का स्पर्श हुआ. सुनने में यह जरूर अजीब लगा होगा, लेकिन यह पूरी तरह वास्तविक है. रसोईघर में चूल्हा पर एक बरतन में पानी गरम हो रहा था. चूल्हे से धुंआ निकल रहा था.

पूरा रसोईघर धुआं से भरा था. वहीं चूल्हा पर चढ़ा बरतन धुएं से काला हो गया था. पूछने पर कारीगर ने बताया कि चावल तैयार करने के लिए पानी गरम किया जा रहा है. वहीं रसोईघर के बीचों-बीच पानी निकासी के लिए नाला बना था. जिस होकर पानी पूरी रफ्तार से बह रहा था. रसोईघर में गंदगी का अंबार था. सफाई नाम की कोई चीज नहीं थी.

अंदर की स्थिति इतनी भयावह थी कि थोड़ी देर रुकने पर ही घुटन होने लगी.बाहरी खाने से करें परहेज शहर के होटलों व उसमें बिकने वाली सामग्री किस वातावरण में तैयार हो रही है, इसे सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसी बात नहीं है कि शहर में अच्छे होटलों की कमी है. इसके बावजूद लोग अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं.

सस्ते व आकर्षक खाद्य पदार्थ के मोह में फंस कर लोग अपने जिंदगी के साथ मजाक कर रहे हैं. ऐसी बात नहीं है कि यह किसी से छुपी है. ग्राहकों के सामने होटल संचालक अपने फायदे के लिए लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. प्रशासनिक लापरवाही के कारण इन होटल संचालकों की चांदी कट रही है.

लोग अनजान होकर इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर बीमार हो रहे हैं. इसका नतीजा यह है कि अधिकतर परिवार के सदस्य पेट व लीवर संबंधी बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं. फोटो- होटल 13 व 14- बाहर तली जा रही मछली व अंदर रसोई का हाल

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