पीएमसीएच के बजाय नर्सिंग होम पहुंचाने का आरोप सड़क दुर्घटना में जख्मी युवक को किया गया था सदर अस्पताल से रेफरमौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा सहरसा सिटी सदर अस्पताल में कार्यरत एम्बुलेंस 1099 के चालक पर सदर अस्पताल से रेफर मरीज को पीएमसीएच के बदले निजी नर्सिंग होम ले जाने का आरोप लगा मृतक बराही बाजार मधेपुरा निवासी शैलेंद्र कुमार के परिजनों ने शव के साथ हंगामा किया. परिजनों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि दो बाइक की टक्कर में 23 अक्तूबर को शैलेंद्र जख्मी हो गया था. उसे ईलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. चिकित्सक ने मरीज की हालात देख बेहतर इलाज के लिये पीएमसीएच रेफर कर दिया, लेकिन एंबुलेंस चालक मरीज को पीएमसीएच न ले जाकर उसे गुलजारबाग के समीप एक निजी नर्सिंग होम में भरती करा दिया. जहां इलाज के दौरान डॉक्टर के लापरवाही से युवक की मौत हो गयी. परिजन शव लेकर शनिवार की सुबह सदर अस्पताल पहुंच हंगामा करने लगे. हंगामा की सूचना मिलते ही सदर थाना के सअनि देवकुमार गिरी ने आक्रोशों को समझा बुझा कर शांत कराया व शव को पोस्टमार्टम करा परिजनों के सुपुर्द किया. चालक ने आरोप को बताया निराधार इस बाबत एंबुलेंस के चालक नौशाद आलम ने बताया कि परिजनों का आरोप बेबुनियाद है. मरीज को परिजनों के सामने ही पीएमसीएच में भरती कराया गया है. पीएमसीएच जाने का गेट पास व रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध है. मरीज को उतारने के बाद परिजन शंभु कुमार ने शुल्क देकर अपना हस्ताक्षर किया है. उन्होंने कहा कि मामले को लेकर वरीय अधिकारी को भी आवेदन दिय जा रहा है. फोटो- परिजन 10- शव के साथ सदर अस्पताल पहुंचे परिजन
पीएमसीएच के बजाय नर्सिंग होम पहुंचाने का आरोप
पीएमसीएच के बजाय नर्सिंग होम पहुंचाने का आरोप सड़क दुर्घटना में जख्मी युवक को किया गया था सदर अस्पताल से रेफरमौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा सहरसा सिटी सदर अस्पताल में कार्यरत एम्बुलेंस 1099 के चालक पर सदर अस्पताल से रेफर मरीज को पीएमसीएच के बदले निजी नर्सिंग होम ले जाने का आरोप लगा […]
