सहरसा नगर: सोनवर्षाराज के मनौरी में चिमनी भट्ठा मालिक की हत्या से ज्यादा मृतक की घिनौनी करतूत ने सभ्य समाज को शर्मसार कर दिया है. पश्चिम बंगाल के मजदूरों ने पुलिस के समक्ष दिये बयान में ईंट भट्ठों की आड़ में हो रहे शोषण की पोल खोल दी है. मजदूरों ने बताया कि मनौरी स्थित चिमनी पर अन्य मजदूरों के परिजनों के साथ भी शोषण किया जा रहा है, लोग परदेशी होने की वजह से चुपचाप सहन कर लेते हैं .
एक लाख रुपया में बेटी बेच दो. हत्यारोपी मो सिराजुल ने बताया कि उसकी पांच बेटी में सबसे बड़ी बेटी की उम्र महज 13 साल है. चिमनी मालिक मणि सिंह बार-बार दबाव देकर एक लाख रुपये में बेटी को बेचने की बात करता था, जिसके नहीं मानने पर जबरन घर पहुंच बेटी से दुष्कर्म करता था. सिराजुल बताता है कि मासूम बच्ची की हालत देख रोते रहता था.
जबरन उठा लेता था लड़की. मृतक की आदतों को बयां करते सिराजुल ने बताया कि मणी सिंह के चाल-चलन को देख वह दूरी बनाने लगा था, लेकिन वह बार-बार बेटी को बेचने की जिद करता था. उसने बताया कि मृतक ने एक दिन लाखों रुपया मूल्य का सोने का चेन जबरन उपहार में दिया था, जिसके बाद वह हमेशा उसे ससुर बता बेटी को जबरन उठा ले जाने लगा था.
बहनों से करता था छेड़छाड़
दूसरा हत्यारोपी व सिराजुल का दोस्त प्रसन्नजीत वर्मन ने बताया कि उसकी दो छोटी बहन है. चिमनी मालिक हमेशा बहनों से छेड़छाड़ करता था. विरोध करने पर मारने की धमकी देता था. हत्यारोपी ने बताया कि कूचविहार जिला का मजदूर मेठ निपिन को भी परेशानी बतायी थी, लेकिन उसने भी मदद करने से इनकार कर दिया. उसने बताया कि मृतक पांच हजार रुपया देकर रात के समय बहनों को उसके पास भेजने का दबाव देता था.
