सहरसा नगर : धार्मिक स्थल व स्कूल के समीप खुले व खोले जा रहे शराब की दुकान के दुष्परिणाम को देखते प्रभात खबर द्वारा शुरू किये गये अभियान में जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से पाठकों के सैकड़ों सुझाव प्राप्त हुए हैं. जिसमें शहरी क्षेत्र के सर्वाधिक लोगों ने मारुफगंज में मेडिसिन कॉर्नर के समीप खुली अंगरेजी शराब की दुकान को समाज व धर्म के लिए अशुभ बताया है. लोगों का कहना है कि मोहल्ले सहित धार्मिक स्थल के इर्द-गिर्द शराब की दुकान वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव डालती है.
फोन लाइन पर कॉलर बताते हैं कि मंदिर के आसपास प्रसाद, फूल व बेलपत्र की दुकान खुलनी चाहिए, लेकिन शराब की दुकान ने सामाजिक व्यवस्था को तार-तार कर दिया है.
जमा रहेंगे असामाजिक तत्व : स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब दुकान के खुलने से चौक पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहेगा. लोगों ने बताया कि शराब विक्रेताओं की दबंगता की वजह से आवाज उठाने से लोग डरते हैं. ज्ञात हो कि इस रास्ते से स्कूल व मंदिर जाने के अलावा महिलाएं बाजार में खरीदारी करने भी जाती है. लोग बताते हैं कि जिला प्रशासन को शराब की दुकान आबादी से दूर खोलना चाहिए.
व्यवसाय हो रहा है प्रभावित :
सप्ताह भर पूर्व मारुफगंज में खोली गयी शराब की दुकान से आमलोगों के अलावा व्यवसायियों की मुश्किल भी बढ़ गयी है. व्यवसायी बताते हैं कि बाजार में अधिकांश ज्वेलरी की दुकान होने से ग्राहकों को हमेशा असामाजिक तत्व का डर बना रहता है. उन्होंने बताया कि समीप में एक्सिस बैंक की शाखा में लोग निर्भिक जाने से कतराने लगे है.
