* बाल-बाल बचा बिजली मिस्त्री, लोगों में दहशत
सहरसा : मंगलवार की शाम शहर के व्यस्ततम डीबी रोड में बिजली के एक पोल के गिर जाने से अफरा-तफरी मच गयी. पोल पर चढ़ा मिस्त्री गिर कर जख्मी हो गया और पोल के गिर जाने से दुकान का बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गया.
घटना घट जाने के बाद आनन-फानन में विभाग के कर्मियों ने उस पोल को गिराया व एलटी तार समेट चलते बने. इस पोल से बाजार के जिन इलाकों में बिजली की सप्लाइ की जा रही थी, बीती रात से वहां अंधेरा छाया हुआ है. शहरी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था के दुरुस्त होने का दावा करने वाले विभाग की पोल तो अक्सर खुलती ही रहती है, लेकिन मंगलवार को सरेशाम व्यस्ततम डीबी रोड में लोहे के एक बड़े पोल के गिर जाने से विभाग की जबरदस्त लापरवाही और भी पुख्ता हो गयी.
आलोक पनीर कॉर्नर के ठीक आगे विभाग का वर्षो पुराना एक लोहे का पोल गाड़ा हुआ है. इस पोल का बेस पूरी तरह जंग खाया हुआ था व तारों के बैलेंस पर टिका हुआ था. इस पोल से सड़क के दक्षिण स्थित मुहल्ले में बिजली गयी है. बाजार के लोगों ने बताया कि इस पोल का तार अक्सर टूट कर गिरते रहते है.
यहां दिन-रात खतरा मंडराता रहता है. मुहल्ले के अशोक कुमार, चंद्रगुप्त, कुंदन कुमार सहित अन्य ने बताया कि ऊपर गुजरे तार से इस पोल के क्रॉस होने वाले तार की दूरी कम है. दोनों तारों के बीच रगड़ होती रहती है एवं गल कर टूटने का सिलसिला चलता ही रहता है.
स्थानीय लोगों के अनुसार सप्ताह में कम से कम दो बार यह हादसा होता ही है. विभाग को भी पता है, लेकिन स्थायी व्यवस्था की बात कभी सोची नहीं गयी है. सिर्फ तार बदल या तार जोड़ कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है. मालूम हो कि यह जिले का सबसे प्रमुख व्यावसायिक बाजार एवं शहर का प्रमुख मार्ग है.
दिन रात इस मार्ग पर लोगों की आवाजाही बनी रहती है. देर रात ट्रेन से उतरने और पकड़ने स्टेशन घर व स्टेशन जाने वालों के लिए यहां हमेशा खतरा बना रहता है. ऐसी ही स्थिति रमेश झा महिला महाविद्यालय के पास है. यहां भी पोल हाई टेंशन व एलटी तारों पा ही टिका हुआ है.
