सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट: शहर के मीर टोला में चार्वाक फाउंडेशन की इकाई ‘दी रेशनलिस्ट’ की प्रथम बैठक आयोजित की गई. इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान मंच के संस्थापक अवकाश प्राप्त प्रो. राज कुमार सिन्हा ने इसके उद्देश्यों और लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने प्रबुद्ध और बौद्धिक वर्ग को इस मंच से जुड़ने का आह्वान किया ताकि वे अपने विचारों को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अभिव्यक्त कर सकें.
स्वतंत्र अभिव्यक्ति और तार्किक सोच के लिए नया मंच
प्रो. राज कुमार सिन्हा ने कहा कि समाज में ऐसे कई लोग हैं जो समसामयिक विषयों पर गंभीर विचार रखते हैं लेकिन किसी कारणवश उन्हें अभिव्यक्त नहीं कर पाते. ‘दी रेशनलिस्ट’ ऐसे ही लोगों को तार्किक अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त माध्यम प्रदान करेगा. उन्होंने यह भी घोषणा की कि निकट भविष्य में एक विश्वस्तरीय पत्रिका का प्रकाशन किया जाएगा और मंच का अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म भी होगा.
साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने जताई खुशी
बैठक में चार्वाक फाउंडेशन की निदेशिका शीतोष्णा श्रीवास्तव ने मंच के उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं, नरियार उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सह साहित्यकार कुमार विक्रमादित्य ने कोसी क्षेत्र में इस तरह के बौद्धिक मंच की आवश्यकता पर बल देते हुए भविष्य की चुनौतियों से अवगत कराया. व्यंग्यकार असीम कुमार आंसू और डॉ. नरेंद्र प्रसाद यादव ने भी स्वतंत्र वैचारिक विमर्श के लिए इस प्रयास की सराहना की.
गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. मयंक भार्गव, डॉ. दिलीप कुमार और प्रो. धर्मव्रत चौधरी सहित शिक्षा जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने अपने विचार रखे. बैठक में प्रो. जैनेंद्र कुमार, प्रो. शाहिद हुसैन, प्रो. सुधांशु शेखर और एडवोकेट राजीव कुमार सिन्हा सहित दर्जनों शिक्षाविदों और कानूनविदों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. धर्मव्रत चौधरी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राज कुमार सिन्हा द्वारा किया गया.
