शत-प्रतिशत बंद रहीं सभी खुदरा व थोक दवा दुकानें, परेशान रहे मरीज

सहरसा : औषधि नियंत्रण प्रशासक के द्वारा खुदरा दवा व्यवसायियों को फर्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के नाम पर एवं अन्य व्यवसायियों को छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से किये जा रहे उत्पीड़न एवं शोषण के विरोध में प्रस्तावित तीन दिवसीय बंदी का पहला दिन पूरी तरह सफल रहा. जिले के सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकानें […]

सहरसा : औषधि नियंत्रण प्रशासक के द्वारा खुदरा दवा व्यवसायियों को फर्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के नाम पर एवं अन्य व्यवसायियों को छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से किये जा रहे उत्पीड़न एवं शोषण के विरोध में प्रस्तावित तीन दिवसीय बंदी का पहला दिन पूरी तरह सफल रहा. जिले के सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकानें बंद रही. सहरसा केमिष्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन सहरसा के अध्यक्ष राघव सिंह व सचिव हरिनंदन प्रसाद यादव ने बताया कि जिले में लगभग 12 सौ दवा की दुकान है.

संघ के निर्णय के अनुसार शहर के नया बाजार स्थित राज मेडिकल हॉल व कपड़ा पट्टी स्थित केशरी मेडिकल हॉल खुली थी. उन्होंने कहा कि बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के द्वारा आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में 22, 23 एवं 24 जनवरी को सभी थोक एवं खुदरा दवा दुकान को शत-प्रतिशत बंद रखने का निर्णय लिया गया था.
उन्होंने कहा कि बीते एक जुलाई को भी इन समस्याओं को लेकर जिला के दवा व्यवसायियों के उपर हो रहे विभागीय उत्पीड़न की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया था. संघ के सदस्य दिन भर शहर के विभिन्न सड़कों व गली-मोहल्लों में दवा दुकानों की जांच करते रहे. हालांकि कोई दवा दुकान खुला नहीं पाया गया.

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